येरवडा जेल पर ड्रोन से रखी जाएगी नजर, नया प्रयोग शुरू
- Written By: प्रभाकर दुबे
File Photo
पुणे: महाराष्ट्र के जेलों (Jails) में बंद कैदियों (Prisoners) पर अब ड्रोन कैमरों ( Drone Cameras) से नजर रखी जाएगी। ऐसे में जेल की सुरक्षा और कैदियों पर करीब से नजर रखना संभव होगा। इनमें पुणे (Pune) के येरवडा जेल (Yerwada Jail) पर भी ड्रोन कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। हाल के दिनों में कई बार जेल में कैदियों के बीच मारपीट, जेल से भागने की घटनाएं हो चुकी है। पहले चरण में 12 जेलों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। यह जानकारी अतिरिक्त पुलिस महासंचालक (जेल व सुधार सेवा) अमिताभ गुप्ता ने दी है।
जेल उपमहानिरीक्षक स्वाति साठे (पश्चिम विभाग), जेल उपमहानिरीक्षक (मुख्यालय) सुनील ढमाल, येरवडा जेल अधीक्षक रानी भोसले, चंद्रमणी इंदुरकर के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे। गुप्ता ने कहा कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन के जरिए नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। संबंधित ड्रोन के जरिए रात के वक्त शूटिंग की जाएगी। खासकर जेल में होने वाली घटनाओं और कैदियों की जानकारी मिलने में मदद होगी।
इन जेलों में ट्रायल शुरू
प्रायोगिक तौर पर येरवडा सेंट्रल जेल, कोल्हापुर, नासिक, संभाजीनगर, तलोजा, ठाणे, अमरावती, नागपुर, कल्याण और चंद्रपुर में ड्रोन के जरिए ट्रायल शुरू किया गया है।
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यूपी में सबसे पहले शुरू किया गया
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, महाराष्ट्र सरकार ने तात्कालिक रुप से ड्रोन से नजर रखने को प्राथमिकता दी है। उत्तर प्रदेश में देश में पहली बार जेलों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल शुरू किया गया है। इसके बाद जेल की सुरक्षा के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने वाला महाराष्ट्र दूसरा राज्य बन गया है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो जेलों में होने वाली मारपीट, जेलों में फोन मिलने, ड्रग्स मिलने के मामले पर लगाम लगाना ज्यादा आसान होगा।
[blockquote content=”राज्य की जेलों के साथ कैदियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। इसके तहत अब ड्रोन के जरिए गतिविधियों पर नजर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अनुसार प्रायोगिक तौर पर आठ सेंट्रल, दो जिला जेल और दो ओपन जेल पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। ” pic=”” name=”-अमिताभ गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस महासंचालक (जेल व सुधार सेवा)”]
