यवतमाल में विवाह सीजन की धूम, अधिक मास से पहले शुभ मुहूर्तों में बढ़ी रौनक, भीषण गर्मी में भी गूंज रही शहनाइ
Yavatmal Wedding Season News: यवतमाल में 17 मई से शुरू होने वाले अधिक मास से पहले शादियों की धूम है। 43 डिग्री तापमान के बावजूद अप्रैल से जुलाई तक के 29 मुहूर्तों के लिए मैरिज हॉल फुल बुक हैं।
Yavatmal Traditional Weddings: यवतमाल इस वर्ष 17 मई से 16 जून तक अधिक मास रहने के कारण इस अवधि में वैवाहिक, गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे। वहीं अधिक मास शुरू होने से पहले जिले में विवाह समारोहों का उत्साह चरम पर है। भीषण गर्मी और 43 डिग्री से अधिक तापमान के बावजूद शादी-ब्याह में डीजे की धुन और ‘शुभ मंगल सावधान’ के जयघोष के साथ लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
पिछले कुछ महीनों से शुभ मुहूर्त न होने के कारण रुके हुए विवाह अब तेजी से संपन्न हो रहे हैं। अप्रैल से जुलाई के बीच कुल 29 शुभ मुहूर्त मिलने से सभी मैरिज हॉल पूरी तरह बुक हो चुके हैं। व्यवसायी भावे के अनुसार, लंबे समय बाद मुहूर्तों की उपलब्धता से विवाह आयोजनों में जबरदस्त तेजी आई है।
विवाह सीजन का असर स्थानीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। केटरिंग, सजावट, वाहन सेवा और बैंड-डीजे जैसे व्यवसायों को अच्छा काम मिल रहा है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। खास बात यह है कि इस बार बारातों में पुराने गानों का ट्रेंड फिर से लौट आया है।
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एक ही दिन कई विवाह होने के कारण जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बढ़ते खर्च और भीषण गर्मी को देखते हुए कई परिवार सगाई के साथ ही विवाह संपन्न करने का विकल्प भी अपना रहे हैं।
अधिक मास के कारण विराम
विद्वान पुरोहितों के अनुसार, अधिक मास में विवाह, मुंडन और गृहप्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस दौरान दान-पुण्य, जप-तप और तीर्थयात्रा करना विशेष फलदायी माना जाता है।
इस वर्ष के प्रमुख विवाह मुहूर्त
- अप्रैल: 29, 30
- मई: 1, 3, 6, 7, 8, 9, 10, 13, 14
- जून: 19, 20, 21, 23, 24, 27
- जुलाई: 1, 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11
