किरीट सोमैया (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Kirit Somaiya On Fake Birth Certificate: यवतमाल जिले के आर्णी तहसील स्थित शेंदुरसनी में फर्जी जन्म पंजीकरण का मामला अभी ताजा ही है कि अब उमरखेड़ तहसील के भवानी–रामपुर टांडा में जन्म-मृत्यु पंजीयन से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 6,206 जन्म और मात्र 2 मृत्यु की फर्जी प्रविष्टियां दर्ज होने का खुलासा हुआ है। इस घटना से पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया है।
भवानी और रामपुर टांडा इन दोनों गांवों की संयुक्त जनसंख्या लगभग 2,100 है। इतनी कम आबादी वाले गांव में हजारों जन्म पंजीकरण कैसे हुए, यह प्रशासन के लिए बड़ा सवाल बन गया है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गड़बड़ी 1990 से 2025 के बीच लंबे समय तक चलती रही।
महाराष्ट्र में फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के मामलों को उजागर करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने अपने ट्विटर (एक्स) अकाउंट पर उमरखेड तहसील के भवानी–रामपुर टांडा की संदिग्ध प्रविष्टियों का उल्लेख किया था। इसके बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। जांच के लिए गठित विशेष टीम जब भवानी पहुंची, तो कई गंभीर तथ्य सामने आए।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दर्ज की गई सभी जन्म-मृत्यु प्रविष्टियां ग्राम पंचायत भवानी के अंतर्गत रामपुर टांडा क्षेत्र के बाहर के व्यक्तियों की हैं। हैरत की बात यह है कि रामपुर टांडा के जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित यूजर आईडी लंबे समय से बंद था।
इसके बावजूद उसी आईडी से बड़ी संख्या में प्रविष्टियां की गईं। इससे संबंधित यूजर आईडी के हैक होने की आशंका और भी मजबूत हुई है। आर्णी तहसील के शेंदुरसनी में इसी तरह के मामले में एसआईटी का गठन कर बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
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भाजपा नेता किरीट सोमैया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर गंभीर आरोप लगाया है कि भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के उद्देश्य से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। इस कारण मामला और भी संवेदनशील बन गया है। फिलहाल संदिग्ध प्रविष्टियों को रद्द करने की प्रक्रिया जारी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
जांच में यह सामने आया है कि भवानी के रामपुर टांडा का यूजर आईडी हैक कर फर्जी जन्म प्रविष्टियां की गईं। इस प्रकरण की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है और विस्तृत रिपोर्ट संबंधित समिति को भेज दी गई है।