

Yavatmal Special Lok Adalat: 'समाधान समारोह-2026' के अंतर्गत आयोजित विशेष लोक अदालत में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित यवतमाल जिले के 49 मामलों का सफलतापूर्वक आपसी समझौते के माध्यम से निपटारा किया गया। यह प्रक्रिया वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय में 21 और 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इस पृष्ठभूमि में सर्वोच्च न्यायालय तथा महाराष्ट्र राज्य विधि सेवा प्राधिकरण और उच्च न्यायालय, मुंबई के निर्देशानुसार प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद एल। यावलकर के मार्गदर्शन में यह विशेष लोक अदालत आयोजित की गई।
नागपुर खंडपीठ की उच्च न्यायालय विधि सेवा उपसमिति द्वारा सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित मामलों की तहसीलवार जांच कर उन्हें संबंधित तहसील विधि सेवा समितियों को भेजा गया। इसके बाद पक्षकारों, अधिवक्ताओं और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ पूर्व-लोक अदालत बैठकों का आयोजन किया गया। पुसद तहसील विधि सेवा समिति के माध्यम से महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय में लंबित 49 मामलों को प्राथमिकता से लिया गया।
जिला न्यायाधीश-1 एस. जे. रामगड़िया के मार्गदर्शन में पक्षकारों, उनके अधिवक्ताओं और बैंक प्रतिनिधियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया। पूर्व बैठकों के दौरान पक्षकारों को लोक अदालत की प्रक्रिया, समझौते के कानूनी परिणाम, समय और खर्च की बचत तथा न्यायिक प्रक्रिया की सरलता के बारे में जानकारी दी गई। पक्षकारों की स्वेच्छा एवं सहमति सुनिश्चित कर सहमति पत्र लिए गए और समझौते की शर्तों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए। 'समाधान समारोह-2026' के अंतर्गत यवतमाल जिले ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कर जनोन्मुख न्याय व्यवस्था की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
जिला विधि सेवा प्राधिकरण, यवतमाल तथा तहसील विधि सेवा समिति, पुसद ने मामलों की जांच, प्रकरणवार योजना, पूर्व बैठकें, नोटिस जारी करने, पक्षकारों के परामर्श और आवश्यक दस्तावेजों के संकलन की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से पूरी की। इस सफलता में जिला न्यायाधीश-1 एस. जे. रामगड़िया, जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव दीपक दाभाड़े, संबंधित अधिवक्ताओं, महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सभी पक्षकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।