यवतमाल में बढ़ती गर्मी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Weather Update: यवतमाल जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे यवतमाल शहर में हालात और भी विकट होते जा रहे हैं। दोपहर के समय सीमेंट की सड़कें तवे की तरह तपने लगी हैं, जिससे आम नागरिकों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और छांव के अभाव ने शहरवासियों की परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। शहर में कुछ ही इलाकों में सीमेंट सडकों के किनारे छांव देनेवाले नीम के पेड़ नजर आ रहे हैं।
शहर में पिछले कुछ वर्षों में डामर की जगह सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों का जाल बिछाया गया है। हालांकि इन सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन की सराहना की जाती है, लेकिन गर्मियों में यही सड़कें लोगों के लिए मुसीबत बनती नजर आ रही हैं। दोपहर के समय इन सड़कों का तापमान इतना बढ़ जाता है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
यवतमाल शहर में पहले सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में पेड़ हुआ करते थे, जो राहगीरों को राहत देते थे। लेकिन सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों के चलते कई जगहों पर पेड़ों की कटाई हुई है। नई वृक्षारोपण योजनाएं अभी तक पर्याप्त छांव देने की स्थिति में नहीं पहुंच पाई हैं। राहगीरों और कामगारों पर सबसे ज्यादा असर दोपहर के
समय रिक्शा चालक, मजदूर, ठेला चालक और अन्य दिहाड़ी कामगारों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, कई लोग सिर पर कपड़ा बांधकर या छाते का सहारा लेकर काम कर रहे हैं, लेकिन तपती सड़कों से उठती गर्मी उन्हें और अधिक झुलसा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार तेज धूप और गर्म सतह के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
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वहीं यवतमाल शहर के एलआईसी चौक, जिलाधिकारी कार्यालय रोड, पुलिस अधीक्षक आवास रोड, जिप मुख्य कार्यकारी अधिकारी आवास रोड सहित शहर के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों में सीमेंट सड़क किनारे छांव देने वाले पेड़ नजर आ रहे हैं। इसके अलावा शहर के आर्णी रोड, दारव्हा रोड, पांढरकवड़ा रोड परिसर में सीमेंट सड़क किनारे छांव देनेवाले पेड़ नजर नहीं आ रहे है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में बड़े पैमाने पर छायादार पेड़ लगाए जाएं और सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी शेड या छांव की व्यवस्था की जाए, साथ ही, प्रमुख चौक-चौराहों पर पेयजल की सुविधा भी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सके।