पंढरपुर यात्रा 2026: यवतमाल ST को 2.77 करोड़ की आय, 51 हजार श्रद्धालुओं ने किया सफर
Yavatmal ST Revenue: पंढरपुर यात्रा 2026 में यवतमाल ST ने 723 बसों से 51,455 श्रद्धालुओं को सफर कराया। 799 फेरियों के जरिए विभाग ने कुल 2.77 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
पंढरपुर यात्रा 2026 (सोर्स: AI)
Yavatmal ST Revenue From Pandharpur Yatra: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन निगम के यवतमाल विभाग ने पंढरपुर यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा संचालित कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
यात्रा अवधि में विभाग के विभिन्न डिपो से कुल 723 बसों के माध्यम से 799 विशेष फेरियां चलाई गईं, जिनसे 51,455 श्रद्धालुओं को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पंढरपुर पहुंचाया गया।
इस दौरान बसों ने कुल 4 लाख 30 हजार 561 किलोमीटर का सफर तय किया। परिवहन विभाग के अनुसार यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी डिपो में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे यात्रा के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या सामने नहीं आई।
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यवतमाल डिपो सबसे आगे
पंढरपुर यात्रा के दौरान यवतमाल विभाग को यात्री किराए से 1 करोड़ 30 लाख 4 हजार 678 रुपये की आय हुई, जबकि सहायक आय के रूप में 1 करोड़ 38 लाख 922 रुपये प्राप्त हुए। इस प्रकार कुल राजस्व 2 करोड़ 77 लाख 38 हजार 724 रुपये दर्ज किया गया। विभाग के अंतर्गत यवतमाल, पुसद, वणी, उमरखेड़, दारव्हा, पांढरकवड़ा, नेर, दिग्रस और रालेगांव डिपो ने विशेष बसों का संचालन किया।
इनमें सबसे अधिक 9,542 यात्रियों ने यवतमाल डिपो से यात्रा की। इसके बाद उमरखेड़ से 7,554, वणी से 6,009, पुसद से 5,646, रालेगांव से 5,212, दिग्रस से 5,021, दारव्हा से 4,698, नेर से 4,015 और पांढरकवड़ा से 3,758 श्रद्धालुओं ने बस सेवा का लाभ उठाया।
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तीर्थयात्रा सीजन यात्रियों का भरोसा
रिपोर्ट के अनुसार यात्रा के दौरान बसों का औसत भारमान 78.90 प्रतिशत तथा कार्यक्षमता 64.42 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सफल संचालन का संकेत है। उमरखेड़ डिपो की पांच ‘जिजाऊ’ बसें पुणे मार्ग पर भेजे जाने के कारण वहां से अतिरिक्त फेरियों का संचालन भी किया गया।
हर वर्ष आषाढ़ी और कार्तिकी यात्रा जैसे धार्मिक अवसरों पर राज्य परिवहन निगम को अच्छी आय प्राप्त होती है और यह सीजन विभाग के लिए महत्वपूर्ण राजस्व स्रोत माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता रही, जिसके कारण इस वर्ष भी यात्रियों का भरोसा एसटी सेवा पर कायम रहा।
