यवतमाल में सेतु केंद्र कर्मचारियों की स्थिति चिंताजनक, 3 से 10 हजार रुपए मानधन में कर रहे काम

Yavatmal Setu Kendra Employees: यवतमाल जिले के 16 तहसीलों में सेतु केंद्र कर्मचारियों के रोजगार और वेतन का मुद्दा वर्षों से लंबित है। कर्मचारियों को 3 से 10 हजार रुपए में काम करना पड़ रहा है।
yavatmal setu kendra employees employment salary crisis
सेतु केंद्र कर्मचारियों का रोजगार(सोर्सः सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Yavatmal Government Service Center: शासन की विभिन्ना सेवाएं और प्रमाणपत्र नागरिकों तक आसानी से पहुंचाने के उद्देश्य से तहसीला कार्यालयों और प्रमुख सरकारी कार्यालयों के परिसर में शुरू किए गए सेतु सुविधा केंद्र आज हजारों नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। लेकिन इना केंद्रों में प्रत्यक्ष रूप से सेवा देने वाले कर्मचारियों के रोजगार और वेतन का प्रश्ना वर्षों से लंबित है। इससे पूरी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यवतमाल जिले के सभी 16 तहसीलों में सेतु सुविधा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।। जानकारी के अनुसार जिले के इन केंद्रों का काम गुजरात इन्फोटेक कंपनी को दिया गया है। इसके बाद कुछ केंद्र निजी व्यक्तियों को चलाने के लिए दिए जाने की जानकारी सामने आई है। गुजरात इन्फोटेक की आधिकारिक वेबसाइट पर भी महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के साथ यवतमाल में जिला और तहसील कार्यालयों में सेतु केंद्र परियोजना संचालित होने का उल्लेख है।

मिलते 5-10 हजार, लेकिन जिम्मेदारी बड़ी

यवतमाल जिले के सरकारी कार्यालयों में स्थित सेतु केंद्रों में दिनभर नागरिकों के आवेदन स्वीकार करना, ऑनलाइन पंजीकरण करना, विभिन्न प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया करना, दस्तावेजों की जांच करना और नागरिकों को सेवाओं की जानकारी देना जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाते हैं। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि काम की तुलना में उन्हें मिलने वाला मानधन बेहद कम है। कुछ कर्मचारियों को महीने में केवल तीन से चार हजार रुपये में काम करना पड़ रहा है, जबकि कई कर्मचारियों को 5 से 10 हजार रुपये तक का भुगतान मिलता है।

विधायक रहते प्रतिभा धानोरकर ने उठाया था सवाल

इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी आवाज मिली थी। यवतमाल की सांसद बनने से पहले विधायक रहते हुए प्रतिभा धानोरकर ने राज्य और जिले के सेतु केंद्र कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर विधानसभा में तारांकित प्रश्न उठाया था। उन्होंने कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन देने, उनके श्रम का उचित मूल्य तय करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। लेकिन विधानसभा में मामला उठाए जाने के बाद भी वेतन और सेवा सुविधाओं को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

yavatmal setu kendra employees employment salary crisis
यवतमाल पुलिस ने यूपी का शातिर साइबर अपराधी फरहान अली को किया अरेस्ट, छात्राओं के फोटो कर रहा था मॉर्फ

रोजगार अनुबंध के बिना काम

विशेष बात यह है कि यवतमाल जिले के बीओटी मॉडल पर चलने वाले सेतु केंद्रों में कर्मचारियों के साथ निजी कंपनी या केंद्र संचालकों द्वारा औपचारिक रोजगार अनुबंध नहीं किया गया है। इसके कारण काम के घंटे, वेतन, छुट्टी, सेवा सुरक्षा और अन्य अधिकारों को लेकर स्पष्टता नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com