यवतमाल सड़क बदहाली पर हाई कोर्ट सख्त मानसून से पहले मरम्मत न होने पर ठेकेदारों और अफसरों होगी बड़ी कार्रवाई
Yavatmal News: यवतमाल की खस्ताहाल सड़कों पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर परिषद को मानसून से पहले काम पूरा करने का आदेश दिया है। लापरवाही बरतने पर ठेकेदारों व अफसरों पर कार्रवाई होगी।
- Written By: रूपम सिंह
यवतमाल सड़क बदहाली (सौ. सोशल मीडिया )
Bomaby High Court News: यवतमाल शहर में चल रही जल आपूर्ति परियोजना और खस्ताहाल सड़कों को लेकर दिगंबर पचगाडे की ओर से आपराधिक जनहित याचिका दायर की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
हाई कोर्ट ने नगर परिषद को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि मानसून (बारिश) से पहले सड़कों की मरम्मत का काम पूरा नहीं किया गया, तो जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपराधिक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता दिगंबर पजगाडे ने अदालत को बताया कि शहर की सड़कों की हालत इतनी दयनीय है कि उन पर वाहन चलाना या आवागमन करना बेहद मुश्किल हो गया है। यवतमाल नगर परिषद ने भी इस सच्चाई को स्वीकार किया और अदालत को आश्वासन दिया कि सड़कों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और काम प्रगति पर है।
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नगर परिषद ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि लोगों को हो रही असुविधा को ध्यान में रखते हुए बारिश के मौसम से पहले सड़कों का काम उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाएगा। इस पर अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि यदि नगर परिषद बारिश से पहले सड़कें सुधारने में विफल रहती है, तो उसे संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के नाम अदालत में पेश करने होंगे, ताकि काम में लापरवाही बरतने और जनता को असुविधा पहुंचाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई के नोटिस जारी किए जा सकें।
कलेक्टर की तारीफ और MJP से जवाब तलब अदालत में जल आपूर्ति परियोजना का मुद्दा भी उठा। कोर्ट ने पाइपलाइन बिछाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के विवाद को सुलझाने में यवतमाल के कलेक्टर द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
हालांकि, मामले में अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता फिरदौस मिर्जा और याचिकाकर्ता ने अदालत को अवगत कराया कि भले ही नई पाइपलाइन बिछाने का काम जल्द पूरा हो जाए, लेकिन इससे पानी की आपूर्ति तब तक नहीं हो सकेगी जब तक कि इसके लिए नई टंकियों का निर्माण नहीं किया जाता। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) के वकील ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि नई पाइपलाइन के जरिए पहले से बनी हुई मौजूदा टंकियों से ही पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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पाई-पाई का देना होगा हिसाब
इस स्थिति को देखते हुए हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (MJP) को अगली सुनवाई तक एक हलफनामा दायर कर नई पाइपलाइन के जरिए जल आपूर्ति की स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यवतमाल नगर परिषद को इस पूरी परियोजना पर खर्च किए गए धन का पूरा ब्यौरा और विवरण देते हुए एक हलफनामा दायर करने का भी आदेश दिया है।
