आईआईटी बॉम्बे-कोलंबिया यूनिवर्सिटी की साझेदारी, मैन्युफैक्चरिंग के लिए बनेगा नया एआई सेंटर
IIT Bombay और कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए नया एआई सेंटर स्थापित करने का समझौता किया है। यह सेंटर उद्योगों के स्टार्टअप्स और भविष्य की तकनीकी प्रतिभा को बढ़ावा देगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
आईआईटी बॉम्बे और कोलंबिया यूनिवर्सिटी (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
Manufacturing Artificial Intelligence Collaboration: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी बॉम्बे) और अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र (एआई सेंटर) स्थापित करने हेतु एक सहयोग समझौता किया है। शिक्षा मंत्रालय ने अब तक 4 अलग-अलग एआई सेंटर शुरू किए हैं। यह पांचवा सेंटर होगा।
आईआईटी बॉम्बे ने यहां एक बयान जारी कर कहा कि इस समझौते पर आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो। शिरीष केदारे और कोलंबिया कोलंबिया यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ प्रोवोस्ट प्रो। सौलेमान कचानी ने हस्ताक्षर किए।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा राज्य मंत्री डॉ। सुकांता मजूमदार, उच्च शिक्षा सचिव डॉ। विनीत जोशी, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस। कृष्णन के साथ आईआईटी बॉम्बे और कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर भी उपस्थित थे।
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मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने कहा कि कोलंबिया आईआईटी बॉम्बे एआई सेंटर उन्नत, मानव-केंद्रित एआई के माध्यम से भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अत्याधुनिक औद्योगिक एआई अवसंरचना का निर्माण करके, यह पहल उद्योग आधुनिकीकरण में सहयोग करेगी, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाएगी, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगी और भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का विकास करेगी।
जिससे विभिन्न उद्योग क्षेत्रों की भविष्य की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। यह साझेदारी राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भारत को एआई-संचालित विनिर्माण नवाचार में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करेगी।
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इन क्षेत्रों पर करेगा विशेष फोकस
यह नया एआई सेंटर देश में मैन्युफैक्चरिंग के सभी क्षेत्रों पर फोकस करेगा, जिनमें सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, औद्योगिक विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, शोधन और पेट्रोकेमिकल सहित प्रक्रिया उद्योग, निर्माण और अवसंरचना विकास के साथ-साथ परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र शामिल हैं।
