यवतमाल में अवैध खनन (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Illegal Mining Scandal: वर्धा–यवतमाल–नांदेड़ बहुचर्चित रेलवे प्रोजेक्ट में अवैध गौण खनिज उत्खनन का बड़ा घोटाला सामने आया है। विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे के निर्देश पर की जा रही ईटीएस नापजोख में चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। कलंब तहसील में करीब 23 करोड़ रुपये और यवतमाल तहसील में लगभग 62 करोड़ रुपये के अवैध उत्खनन की पुष्टि ईटीएस रिपोर्ट में हुई है।
यह नापजोख केवल रेलवे ट्रैक तक सीमित है, जबकि ट्रैक के दोनों ओर बड़े पैमाने पर पहाड़ों को खोदकर गौण खनिज निकाला गया है। कलंब और यवतमाल (Yavatmal) इन दो तहसीलों में ही ट्रैक क्षेत्र के आसपास लगभग 500 करोड़ रुपये के उत्खनन का दावा करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अमोल कोमावार ने सरकार से मांग की है कि पूरी ईटीएस नापजोख कराई जाए।
उन्होंने चुनौती दी है कि यदि उत्खनन इससे कम साबित होता है, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। कोमावार का आरोप है कि मौजूदा रिपोर्ट अनुमान आधारित है और वास्तविक उत्खनन इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। कलंब तहसील के घोटी-चापर्डा क्षेत्र में 23 करोड़ रुपये का उत्खनन सामने आया है, जबकि उमरखेड तहसील में भी बड़े पैमाने पर खनन होने की बात सामने आई है।
इस संबंध में 27 अगस्त 2020 से तहसीलदार से लेकर जिलाधिकारी स्तर तक लगातार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब करोड़ों के इस घोटाले के सामने आने के बाद, संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। अमोल कोमावार ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले और सरकार की रॉयल्टी को नुकसान पहुंचाने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
कोमावार ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में तहसीलदार और जिला खनन अधिकारी सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद उन्होंने जानबूझकर अनदेखी की। तकनीकी संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद ईटीएस नापजोख के लिए आवश्यक सामग्री और मनुष्यसंसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया। कोमावार ने मांग की है कि आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दोबारा सटीक नापजोख की जाए, क्योंकि केवल कलंब और यवतमाल तहसीलों में ही करीब 500 करोड़ रुपये के उत्खनन का अनुमान है।
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यवतमाल (Yavatmal) उपविभागीय अधिकारी गोपाल देशपांडे ने कहा इस उत्खनन के संबंध में मध्य रेलवे, वर्धा के कार्यकारी अभियंता से वर्धा–यवतमाल–नांदेड नई रेलवे लाइन के निर्माण कार्य हेतु कितनी मात्रा में उत्खनन किया गया, इसकी विस्तृत जानकारी मांगी गई थी।
उक्त 17 किलोमीटर रेलवे लाइन के निर्माण के लिए कुल 8,93,823 ब्रास गौण खनिज का उत्खनन किया गया। इसमें से कुछ गौण खनिज रेलवे कार्य में भराव एवं अन्य कार्यों के लिए उपयोग किया गया। इसमें से शेष 2,87,357 ब्रास गौण खनिज बचा हुआ था।
जिला खनिकर्म अधिकारी संजय जोशी ने बताया यवतमाल तहसील के कारली से गोधनी तक कुल 17 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन में कितनी मात्रा में अवैध उत्खनन हुआ है, इस संबंध में एक रिपोर्ट उपविभागीय अधिकारी के पास भेजी गई है। लिहाजा इस मामले को लेकर उपविभागीय अधिकारी ही फैसला करेंगे।