मुरली बांध हत्याकांड में खौफनाक मोड़! जिस बेटे ने कबूला ‘खून’, उससे नहीं मिला शव का DNA; फिर निकाली दफन की लाश
Yavatmal Murder Case: यवतमाल के मुरली बांध हत्याकांड में बड़ा ट्विस्ट! बेटे से नहीं मिला मृतक का DNA, पुलिस ने दोबारा निकाला शव; अब बोन मैरो से होगी पहचान।
- Written By: प्रिया जैस
मुरली बांध हत्याकांड में नाटकीय मोड़ (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Murder Mystry: यवतमाल जिले के पैनगंगा नदी के मुरली बांध में दो महीने पहले मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव के मामले में अब बड़ा नाटकीय मोड़ आ गया है। मृतक का डीएनए संदिग्ध आरोपी के बेटे से मेल नहीं खाने के कारण इस हत्याकांड की गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस के सामने अब शव की सही पहचान करना बड़ी चुनौती बन गया है।
उमरखेड़ तहसील के सहस्त्रकुंड क्षेत्र स्थित मुरली बांध में 9 जनवरी को एक अज्ञात पुरुष का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। बिटरगांव पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आशंका जताई थी कि यह शव किनवट तहसील के जलधरा निवासी मारोती गंगाराम डुकरे (60) का हो सकता है।
बेटे ने कबूली हत्या की वारदात
मामले में मृतक के कथित बेटे प्रदीप मारोती डुकरे ने अपने पिता की हत्या कर शव नदी में फेंकने की बात कबूल की थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पहचान सुनिश्चित करने के लिए शव के बाल और त्वचा के नमूने फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे।
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हालांकि, हाल ही में आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि शव का डीएनए और प्रदीप डुकरे का डीएनए आपस में मेल नहीं खाता। इससे पुलिस जांच को नया मोड़ मिल गया है और यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर यह शव किसका है।
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बोन मैरो के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे
इसी के चलते नायब तहसीलदार की मौजूदगी में शव को दोबारा जमीन से निकालकर बाहर लाया गया। अधिक सटीक जांच के लिए शव से बोन मैरो (हड्डी की मज्जा) के नमूने लेकर फिर से फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। अंतिम संस्कार के बाद शव को दोबारा निकालकर जांच करना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब पूरे मामले की सच्चाई नए फॉरेंसिक रिपोर्ट पर ही निर्भर है। इस प्रकरण की आगे की जांच उपविभागीय पुलिस अधिकारी हनुमंत गायकवाड के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पांडुरंग शिंदे द्वारा की जा रही है।
