यवतमाल में दूध की शुद्धता पर उठे सवाल, ग्राहक पंचायत ने नियमित जांच की मांग की

Milk Adulteration: यवतमाल में दूध और दुग्ध उत्पादों की शुद्धता पर सवाल उठाते हुए अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने पूरे जिले में नियमित जांच अभियान चलाने और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
yavatmal milk adulteration concerns consumer council demands regular inspection
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
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Milk Adulteration Claims In Yavatmal: यवतमाल में सामान्य जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोर उत्पादक और विक्रेताओं के खिलाफ अन्न व औषध प्रशासन द्वारा शुरू किए गए अभियान को अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का पूर्ण समर्थन है। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की यवतमाल जिला शाखा के डेलिगेशन ने विदर्भ प्रांताध्यक्ष डॉ. नारायण मेहरे के नेतृत्व में सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर इस अभियान को यवतमाल शहर सहित पूरे जिले में सख्ती से लागू करने की मांग की।

दूध की उपलब्धता पर उठे सवाल

जिले में हजारों लीटर दूध और पनीर सहित बाकि दूध से बने पदार्थ बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। दूध और उससे बने पदार्थ सभी दुकानों में हमेशा बड़ी मात्रा में उपलब्ध होते हैं। एक समय रात नौ बजे के बाद ग्राहकों को दूध नहीं मिलता था, लेकिन वर्तमान में रात किसी भी समय ग्राहक की मांग पर दूध आसानी से उपलब्ध हो रहा है।

जिले में दुधारू पशुधन की क्षमता की तुलना में कई गुना अधिक दूध और उससे बने पदार्थ उपलब्ध होने से यह स्पष्ट है कि बाहर के जिलों से भी बड़े पैमाने पर इन पदार्थों का आयात हो रहा है।

कई बार उठाया गया जांच का मुद्दा

स्थानीय उत्पादकों के साथ-साथ विभिन्न कंपनियों का दूध भी जिले में बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा है। जिले में बिक्री के लिए उपलब्ध यह दूध और दुग्धजन्य पदार्थ वास्तव में शत-प्रतिशत शुद्ध हैं या नहीं, यह प्रश्न बार-बार उठता रहा है।कुछ ग्राहकों ने अपने अनुभव साझा कर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के स्थानीय कार्यकर्ताओं से कई बार शिकायतें भी की हैं।

इन शिकायतों के आधार पर जिला ग्राहक संरक्षण परिषद की कई बैठकों में ग्राहक पंचायत के अशासकीय सदस्यों ने यह मुद्दा उठाते हुए शहर और जिले से नमूने लेकर जांच करने की मांग बार-बार की है। अन्न व औषध प्रशासन ने इससे पहले यवतमाल जिले के किसी भी संबंधित प्रतिष्ठान या विक्रेता से दूध या दुग्ध पदार्थों के नमूने लेकर कार्रवाई किए जाने की जानकारी नागरिकों को नहीं है।

अभियान को लगातार जारी रखने की मांग

वर्तमान में राज्य में चल रहे मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान को केवल अस्थायी न रखते हुए विभिन्न विक्रेताओं और प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर समय-समय पर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। सहायक आयुक्त आनंद महाजन ने अन्न व औषध प्रशासन द्वारा जिले में चलाए जा रहे अभियान और की जा रही कार्रवाई के बारे में ग्राहक पंचायत कार्यकर्ताओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के बावजूद यह अभियान चल रहा है और आगे भी प्रभावी तरीके से जारी रहेगा।

इस अवसर पर निवेदन देते समय प्रांत कार्यालय प्रमुख हितेश सेठ, कोषाध्यक्ष संतोष डोमाले, प्रचार प्रमुख विरेंद्र चौबे, एड. राजेश पोहरे, जितेंद्र बंगाले, प्रवीन पाटिल, संजय जोशी, विपुल पोबारू, अनंत भिसे, सचिव डॉ. केशव चेटुले, प्रो. मतीन खान, डॉ. कैलास वर्मा आदि उपस्थित थे।

जिलाधिकारी पहले ही दे चुके हैं जांच के निर्देश

दूध में मिलावट के संदर्भ में जिलाधिकारी ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए अन्न व औषध प्रशासन के अधिकारियों को नमूने लेकर नियमित जांच करने के निर्देश दिए थे। संबंधित यंत्रणा को बैठक में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया था। लेकिन यह भी आरोप है कि बैठक में उपस्थित “उन” अधिकारियों ने कथित तौर से टालमटोल जवाब दिया और कर्मचारियों की कमी का कारण बताकर सवालों को सही उत्तर नहीं दिया।

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