नागपुर जिलाधिकारी का एफडीए को सख्त अल्टीमेटम: मिलावटखोरों की अब खैर नहीं, समय सीमा में जांच कर दर्ज करें केस

Nagpur Food Adulteration: नागपुर में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जिलाधिकारी ने एफडीए को सख्त निर्देश दिए हैं। खाद्य नमूनों की तय समय सीमा में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
Nagpur District Magistrate's stern ultimatum to the FDA: Adulterators will not be spared; conduct inspections and register cases within the deadline.
नागपुर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Food Safety Sample Testing: नागपुर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य पर मंडरा रहे खतरों को रोकने के लिए किसी भी परिस्थिति में मिलावट पर अंकुश लगाने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इसी के तहत अब तक लिए गए खाढा नमूनों की निर्धारित समय सीमा में जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) को दिए।

बैठक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) के सहायक आयुक्त (खाद्य) रो।रा। शाह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एफडीए की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में पिछले 3 महीनों के कार्यों की समीक्षा की गई। खाद्य नमूनों के संकलन, जांच, लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रक्रिया तथा जनजागरण कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिले के नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा कानून का प्रभावी ढंग से पालन किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में चीज के नाम पर चीज एनालॉग के उपयोग में बड़ी वृद्धि हुई है। इसी प्रकार पनीर जैसे उत्पादों को लेकर भी उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है।

उपभोक्ताओं को धोखे से बचाने के लिए चीज एनालॉग और पनीर के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से बताना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिकांश उपभोक्ताओं को इन दोनों उत्पादों के तकनीकी अंतर की जानकारी नहीं होती, जिससे खरीदारी के दौरान उनके भ्रमित होने की संभावना रहती है।

खाद्य प्रतिष्ठानों में लगाएं बोर्ड

इसे रोकने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित विक्रेताओं, होटल संचालकों और खाद्य प्रतिष्ठानों को अपने संस्थान के प्रमुख स्थान पर स्पष्ट जानकारी वाले बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जांच अभियानों को और अधिक सघन करने की आवश्यकता है।

मिलावटखोरों पर सख्ती के निर्देश, खाद्य पदार्थों की नियमित जांच होगी

विशेष रूप से दूध एवं दुग्धजन्य उत्पाद, मिठाई, खाद्य तेल, मसाले, बेकरी उत्पाद तथा दैनिक उपयोग के अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जाए और संदिग्ध नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजे, जिलाधिकारी ने उल्लंघन करने वालों तथा मिलावटखोरों के खिलाफ कही कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को अधिक सतर्कता के साथ कार्य करना होगा।

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