Yavatmal Crime News: मारेगांव दहेज प्रथा पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद अप्रत्यक्ष मांगों के चलते विवाह टूटने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मारेगांव तहसील के एक गांव में सामने आया, जहां एसी हॉल में भव्य शादी की मांग को लेकर तय विवाह टूट गया और दूल्हा पक्ष पर मामला दर्ज किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उच्चशिक्षित युवती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। पारंपरिक रीति से मुलाकात के बाद दोनों पक्षों की सहमति से 1 फरवरी को यवतमाल निवासी मयूर गिरी के साथ विवाह तय हुआ। इसके बाद 1 मार्च को वणी स्थित विठ्ठल-रुक्मिणी संस्थान में साक्षगंध (सगाई) समारोह संपन्न हुआ। उस समय दूल्हा पक्ष ने किसी प्रकार की मांग नहीं की थी।
सगाई के कुछ ही दिनों बाद 4 मार्च की रात दूल्हे ने युवती को फोन कर शादी यवतमाल के किसी बड़े एसी हॉल में धूमधाम से करने की बात कही और इसके लिए पिता से चर्चा करने को कहा। जब युवती के पिता ने संपर्क करने का प्रयास किया, तो दूल्हा पक्ष ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
बाद में बातचीत के लिए यवतमाल आने की बात पर दूल्हा और उसके पिता ने स्पष्ट रूप से शादी से इनकार करते हुए कहा कि “इस शादी को टूटा हुआ समझो” और फोन काट दिया।
सगाई के बाद इस तरह की मांग और अचानक शादी तोड़ने से युवती और उसके परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचा। इसके बाद युवती ने मारेगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दूल्हा पक्ष के चार लोगों के खिलाफ दहेज निषेध अधिनियम 1961 की धारा 4 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 35 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस प्रकरण की जांच पुलिस निरीक्षक के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक दिगंबर किनाके कर रहे हैं। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है।
मारेगांव थानेदार शाम वानखेड़े ने स्पष्ट किया कि दहेज प्रथा पूरी तरह अवैध है। दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं, और ऐसी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।