यवतमाल जिले के महागांव में शराब के खिलाफ जीती महिलाएं, जिलाधिकारी ने दुकान और बार बंद करने का दिया आदेश

Women Win Against Liquor Shop: यवतमाल के महागांव में महिलाओं के लंबे आंदोलन के बाद देशी शराब दुकान और बैठक बार बंद करने के आदेश जारी हुए। जिलाधिकारी ने तत्काल कारोबार बंद करने के निर्देश दिए।
Yavatmal Mahagaon Women Win Against Liquor Shop
जिलाधिकारी कार्यालय(फोटो नवभारत)
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Mahagaon Women Win Against Liquor Shop: यवतमाल जिले के महागांव नगर पंचायत क्षेत्र के प्रभाग क्रमांक 1 में देशी शराब की दुकान और बैठक बार को आखिरकार बंद करने के आदेश जारी होने से महिलाओं के लंबे संघर्ष को सफलता मिली है। इस आंदोलन का नेतृत्व नगरसेविका जयश्री संजय नरवाडे ने किया।

प्रभाग में देशी शराब की दुकान को एनओसी दिए जाने को लेकर स्थानीय महिलाओं ने आंदोलन छेड़ा था। महिलाओं का आरोप था कि कुछ जनप्रतिनिधियों की भूमिका के कारण शराब दुकान को अनुमति मिली। इसके विरोध में महिलाओं ने जोरदार संघर्ष किया और दुकान बंद करने की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई।

मामले में शासन के नियमानुसार मतदान कराया गया था, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक मतदान देशी शराब की दुकान और परवाना कक्ष बंद करने के पक्ष में हुआ था। इसके आधार पर मुंबई शराबबंदी आदेश तथा 25 मार्च 2008 और 12 फरवरी 2009 की अधिसूचनाओं के तहत कार्रवाई की गई।

जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया

यवतमाल जिलाधिकारी ने 18 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर प्रभाग क्रमांक 1 में शुभम बाबूलाल जायसवाल, अनिलकुमार जायसवाल, कमलनयन जायसवाल और सारिका जायसवाल के नाम की सीएल-3 क्रमांक 153 तथा विवेक देशमुख के नाम की बैठक बार एफएल-3 क्रमांक 149 के अंतर्गत होने वाला कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए।

आखिरकार मंगलवार को देशी शराब दुकान और बैठक बार को स्थायी रूप से बंद करने के आदेश मिलने से प्रभाग की महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन का नेतृत्व करने वाली जयश्री नरवाडे ने इस निर्णय के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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दोनों पक्षों की ओर से हुई मजबूत पैरवी

सुनवाई के दौरान जायसवाल परिवार की ओर से अधिवक्ता कवीश्वर ने पक्ष रखा, जबकि तहसीलदार अभय मस्के और महागांव नगर पंचायत के मुख्याधिकारी ने भी अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।

प्रभाग की महिलाओं की ओर से आंदोलनकारी जयश्री संजय नरवाडे ने आड़ी बाटली अभियान की याद दिलाते हुए महिलाओं का पक्ष मजबूती से रखा। सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद मामला अंतिम निर्णय के लिए सुरक्षित रखा गया था। सोमवार तक प्रभाग की महिलाओं में फैसले को लेकर उत्सुकता बनी रही।

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