

Yavatmal Liquor Shop: महागांव संभाग में प्रभाग क्रमांक -1 में देसी शराब की दुकान शुरू होने के विरोध में महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को हुए मतदान में ‘आड़ी बोतल’ (दुकान बंद) का प्रस्ताव महज एक वोट से अटक गया। महिलाओं की करीब 50 प्रतिशत अनुपस्थिति के कारण आवश्यक बहुमत पूरा नहीं हो सका, जिससे स्थिति अब भी अनिश्चित बनी हुई है।
स्व. वसंतराव नाईक के प्रभाग क्रमांक -1 में लगाए गए देसी शराब के दुकान (Liquor Shop) के विरोध में स्थानीय महिलाओं ने लंबे समय से आंदोलन छेड़ रखा था। प्रशासन ने इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से निर्णय लेने के लिए 16 अप्रैल को ‘आड़ी बोतल या खड़ी बोतल’ के लिए मतदान कराने का निर्णय लिया।
सावित्रीबाई फुले कन्या शाला में सुबह से मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। कुल 145 महिला मतदाताओं में से 5 के निधन के कारण 140 मतदाता मान्य थे, लेकिन वास्तविक मतदान में केवल 77 महिलाओं ने हिस्सा लिया। अपेक्षित 100 प्रतिशत मतदान के मुकाबले आधी महिलाओं की गैरहाजिरी का सीधा असर परिणाम पर पड़ा। शाम 6 बजे मतगणना शुरू होते ही माहौल गर्म हो गया। ‘आड़ी बोतल’ के पक्ष में 69 वोट, ‘खड़ी बोतल’ के पक्ष में 7 वोट पड़े, जबकि 1 मत निरस्त हुआ। नियम के अनुसार ‘आड़ी बोतल’ के लिए कम से कम 70 वोट जरूरी थे, लेकिन एक वोट कम रहने से प्रस्ताव अधर में लटक गया। इस मतदान प्रक्रिया में चुनाव अधिकारी के रूप में राज्य आबकारी शुल्क विभाग के निरीक्षक वाघ और उपनिरीक्षक शिंदे उपस्थित थे।
कुल मतदाता : 145 मृत मतदाता : 5 वैध मतदाता : 140 कुल मतदान : 77
आड़ी बोतल : 69 खड़ी बोतल : 7 निरस्त : 1
‘आड़ी बोतल’ के लिए जरूरी 70 वोट नहीं मिल पाने और महिलाओं की कम भागीदारी के कारण यह मुद्दा अब भी अनसुलझा है। एक वोट की कमी से फैसला टल गया, जिससे स्थानीय स्तर पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।