यवतमाल में बोगस बीज बेचने वाली कंपनियों पर फूटा जिलाधिकारी का गुस्सा, 151 कृषि केंद्रों में बिक्री पर रोक

Yavatmal News: यवतमाल में सोयाबीन बीज अंकुरण फेल होने की 832 शिकायतों के बाद जिलाधिकारी विकास मीना ने सख्त रुख अपनाया है। 151 कृषि केंद्रों में बिक्री रोक दी गई है और 38 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
Yavatmal Soybean Seed Germination Failure
चिंतित किसान प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Yavatmal Soybean Seed Germination Failure: यवतमाल जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को घटिया और नकली बीजों की आपूर्ति की शिकायतों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पहले से ही विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे किसानों को बीज कंपनियों की लापरवाही का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में किसानों ने सोयाबीन बीज के अंकुरण नहीं होने की शिकायतें जिला प्रशासन और कृषि विभाग के पास दर्ज कराई हैं। जिले में अब तक 832 किसानों ने बीजों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनमें से 485 शिकायतों की जांच पूरी कर ली गई है।

जांच के बाद घटिया बीज बेचने वाली कंपनियों को जिम्मेदार ठहराते हुए जिलाधिकारी विकास मीना के निर्देश पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं जिले के 151 कृषि केंद्रों में बीज बिक्री बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। जिले में सोयाबीन बीज अंकुरण को लेकर सबसे अधिक शिकायतें नेर, बाभुलगांव और दारव्हा तहसीलों से प्राप्त हुई हैं।

नेर, बाभुलगांव और दारव्हा में सबसे ज्यादा मामले

नेर तहसील में सबसे अधिक 415 शिकायतें, बाभुलगांव में 156 और दारव्हा में 136 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इसके अलावा कलंब तहसील में 50, वणी में 19, यवतमाल में 13, पुसद में 11, आर्णी में 9, घाटंजी और मारेगांव में 5-5, दिग्रस और पांढरकवडा में 4-4, उमरखेड में 3 तथा महागांव में 2 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 485 शिकायतों की जांच तालुका शिकायत निवारण समिति द्वारा पूरी कर ली गई है, जबकि 302 शिकायतों की जांच बाकी है।

शिकायतें वाली कंपनियों के बीजों के नमूने तत्काल लेकर उनकी जांच रिपोर्ट समय पर प्राप्त करने के निर्देश कृषि विभाग को दिए गए हैं। नमूने अप्रमाणित पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई करने के निर्देश जिलाधिकारी विकास मीना ने दिए हैं।

बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि जिन बीज कंपनियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन्हें जिम्मेदार मानते हुए सभी मामलों का समय पर निपटारा किया जाए। बैठक में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे, कृषि विकास अधिकारी लहू आडे, अभियान अधिकारी प्रवीण जाधव, जिला गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी धीरज मोहेकर सहित कृषि विक्रेता और विभिन्न बीज कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

4,090 कृषि दुकानों की जांच, 38 लाइसेंस निलंबित।

कृषि निविष्ठाओं की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। 14 जुलाई तक जिले की 4,090 कृषि निविष्ठा दुकानों की जांच की गई है। इस कार्रवाई में 151 कृषि केंद्रों को बिक्री बंद करने के आदेश, 38 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 15 लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द और 8 मामलों में पुलिस अपराध दर्ज किए गए हैं।

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