

Yavatmal News: यवतमाल जिले के पुसद में केवल सात महीनों (जनवरी से जुलाई) के दौरान 197 किसानों ने आत्महत्या की। ऐसे माहौल में जहां एक ओर पुसद में कृषि गौरव पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया, वहीं दूसरी ओर अगस्त महीने में हुई भारी बारिश के कारण हज़ारों हेक्टेयर फ़सलें नष्ट हो गईं। इससे किसान गहरे आर्थिक संकट में फंस गए।
किसानों ने मदद की गुहार लगाई लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने उनकी मदद नहीं की। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे का पुसद दौरा प्रस्तावित था। किसानों को उम्मीद थी कि शायद राहत की घोषणा हो जाएगी। लेकिन अचानक दौरा रद्द हो गया और किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
हालांकि, इस दौरे के बहाने मेहमानों के स्वागत के लिए एक नया हेलीपैड बनाने की तैयारी की गई थी। गायमुख नगर, पीएन कॉलेज के पीछे एक सरकारी हेलीपैड था, लेकिन अधिकारियों ने काकड़दाती ग्राम पंचायत क्षेत्र के एक निजी लेआउट में नया हेलीपैड बना दिया। इस हेलीपैड पर लाखों रुपये खर्च किए गए, जिसका इस्तेमाल केवल दो-तीन घंटे ही हुआ। यह हेलीपैड स्थायी भी नहीं है और भविष्य में इसका इस्तेमाल सरकारी कामों के लिए करना संभव नहीं है।
शहर के दिग्रस रोड पर महज 5 किलोमीटर की दूरी पर फुलसिंग नाइक महाविद्यालय के पीछे, मौजे गायमुख नगर क्षेत्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर पहले ही एक हेलीपैड तैयार किया था। आज भी वह हेलीपैड पूरी तरह से सुरक्षित और उपयोग योग्य है। बावजूद इसके सरकारी निधि की बर्बादी कर 18 अगस्त को मुख्यमंत्री के पुसद दौरे के मद्देनज़र मौजे कारला रोड पर एक निजी ले - आउट में नियमविरुद्ध तरीके से नया हैलीपैड बनाया गया है।