2027 तक कुष्ठमुक्त लक्ष्य: यवतमाल में 30 जनवरी से ‘कुसुम’ कुष्ठ रोग खोज अभियान

Yavatmal Kusum Campaign: कुष्ठ रोग के शून्य प्रसार के लक्ष्य को लेकर यवतमाल जिले में 30 जनवरी से 13 फरवरी तक ‘कुष्ठमुक्त सुरक्षित महाराष्ट्र (कुसुम)’ अभियान चलाया जाएगा। 
Leprosy-free target by 2027: 'Kusum' leprosy detection campaign to begin in Yavatmal from January 30.
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Yavatmal Leprosy Free Awareness: यवतमाल वर्ष 2027 तक कुष्ठ रोग के शून्य प्रसार के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से राज्य सहित जिले में 'कुष्ठमुक्त सुरक्षित महाराष्ट्र (कुसुम)' नामक विशेष अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी तक चलाया जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नियमित सर्वेक्षण से वंचित व उपेक्षित वर्गों तक पहुंचकर कुष्ठ रोग के संदिग्ध मरीजों की खोज, जांच तथा त्वरित उपचार करना है। इसके अंतर्गत जिले के 23 अन्य उच्च जोखिम क्षेत्रों में विशेष जांच की जाएगी।

कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य है, लेकिन समाज में फैली अंधविश्वास और गलत धारणाओं के कारण आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में कई मरीज इलाज से वंचित रह जाते हैं।

इसके परिणामस्वरूप रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा 30 जनवरी से 13 फरवरी तक विशेष कुष्ठ रोग खोज अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान के तहत जिले में ईट भट्टों, गन्ना कटाई मजदूरों, चीनी मिलों, निर्माण कार्य स्थलों, गिट्टी क्रेशर, प्रवासी मजदूरों आदि जैसे 23 उच्च जोखिम स्थलों तथा 1699 विभिन्न ब्लॉकों में जांच की जाएगी।

अभियान के लिए जिले में कुल 36 टीमों की नियुक्ति की गई है। इन टीमों की निगरानी के लिए 7 समन्वयकों की एक विशेष निगरानी टीम बनाई गई है। आशा कार्यकर्ताओं और पुरुष स्वयंसेवकों की मदद से घर-घर, कार्यस्थलों तथा छात्रावासों में जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच की जाएगी।

छात्रावास के छात्रों की भी होगी जांच

कुष्ठमुक्त सुरक्षित महाराष्ट्र (कुसुम) अभियान के अंतर्गत जिले के 16 तहसीलों की 116 आश्रमशालाओं के 24,061 छात्रों की जांच की जाएगी। इसके अलावा 34 आवासीय छात्रावासों के 3,280 छात्रों की जांच का लक्ष्य रखा गया है।

सभी कामगारों व परिजनों की होगी जांच

कुसुम अभियान के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के उच्च जोखिम वाले इलाकों में सर्वेक्षण किया जाएगा। इन स्थानों पर सभी व्यक्तियों की कुष्ठ रोग संबंधी शारीरिक जांच की जाएगी, प्रतिदिन एक टीम द्वारा 100 से 120 लोगों की जांच की जाएगी।

इन वर्गों पर रहेगा विशेष ध्यान

ईंट भट्टा मजदूर, खनन मजदूर, प्रवासी मजदूर, निर्माण श्रमिक, आश्रमशालाओं व छात्रावासों के विद्यार्थी, कारागार में बंद व्यक्ति तथा नियमित जांच से वंचित रहने वाले वर्गों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

जो मजदूर सुबह जल्दी घर से निकलते हैं और रात में देर से लौटते हैं। वे स्वास्थ्य जांच से वंचित रह जाते हैं।

इसलिए इनके लिए अलग व्यवस्था के तहत प्रत्यक्ष सर्वे किया जाएगा,