यवतमाल स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा खतरे में!, जिला परिषद स्कूलों में ना ही CCTV, न शौचालय
अक्सर गरीब व निचले वर्ग के लोगों के बच्चे जिला परिषद की स्कूल में पढ़ते हैं। लेकिन यवतमाल के जिला परिषद की स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा का कोई भी इंतजाम नहीं है।
- Written By: अपूर्वा नायक
यवतमाल जिला परिषद स्कूल (सौ. सोशल मीडिया )
Yavatmal News In Hindi: गरीबों के बच्चे ज़िला परिषद के स्कूलों में पढ़ते हैं। उन्हें स्कूल भेजकर उनके माता-पिता दिहाड़ी मज़दूरी करने के लिए स्वतंत्र महसूस करते हैं।
दूसरी ओर अमीर माता-पिता अपने बच्चों को दिखावटी निजी स्कूलों में भेजकर खुद को ‘कॉर्पोरेट’ नौकरियों के लिए स्वतंत्र कर लेते हैं। लेकिन यहीं पर उनके भरोसे को तोड़ा जा रहा है। जहाँ सुरक्षा की उम्मीद है, वहां सुरक्षा को कमज़ोर किया जा रहा है। यह एक सच्चाई है कि ज़िले के कई स्कूलों में सुरक्षा के उपाय अपर्याप्त हैं।
हालांकि समग्र शिक्षा से निधि मिल रहा है, फिर भी ज़िले के कई स्कूलों में अभी भी बाड़, शौचालय और खेल के मैदान नहीं हैं। यह एक सच्चाई है कि कई जगहों पर पीने के पानी की सुविधा नहीं है। पिछले साल से ज़िले के 523 स्कूलों में विभिन्न प्रकार की मरम्मत या निर्माण के प्रस्ताव प्रशासन के पास लंबित हैं। प्रशासन इसके लिए ज़िला योजना समिति (डीपीसी) के निधि पर निर्भर है। स्कूलों की मरम्मत का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करती है कि यह धनराशि कब मिलती है।
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जिले के ज़्यादातर स्कूलों में सीसीटीवी नहीं हैं। जिन निजी स्कूलों में सीसीटीवी हैं, वहां भी ज़्यादातर सीसीटीवी फुटेज सही समय पर उपलब्ध कराने के लिए सेव नहीं किए जाते। अगर सेव भी हो जाएं, तो इस बात की कोई गारंटी नहीं कि अभिभावक उन्हें आसानी से देख पाएंगे।
होमगार्ड नियुक्ति की घोषणा हवा में उड़ी
छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में सुरक्षा गार्डों की ज़रूरत होती है। सरकार ने पिछले साल यह काम होमगार्ड को सौंपने की घोषणा की थी। हालाँकि, अभी तक किसी भी स्कूल में होमगार्ड की नियुक्ति नहीं हुई है। दरअसल सरकार ने स्थानीय निकायों और अनुदानित स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद समाप्त कर दिए हैं। इससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में है।
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कितने स्कूलों में सीसीटीवी
किसी भी ज़िला परिषद स्कूल में सीसीटीवी नहीं है। स्व-वित्तपोषित स्कूलों में सीसीटीवी है। लेकिन फुटेज को लेकर संदेह है। केवल कुछ ही सहायता प्राप्त स्कूलों में सीसीटीवी है। यवतमाल: 99, पुसद: 76, वणी: 45, पांढरकवड़ा: 48, आर्णी: 49, दारव्हा: 51, मारेगांव: 26, दिग्रस: 48, घाटंजी: 41, कलंब: 40, बाभुलगांव: 28, महागांव: 39, नेर: 45, रालेगांव: 26, उमरखेड़: 64, झरी: 31 का समावेश है।
