ग्राम पंचायत चुनाव (फाइल फोटो)
Maharashtra Rural Polls: यवतमाल जिले में ग्रामीण राजनीति एक बार फिर सक्रिय हो गई है। विभिन्न कारणों से रिक्त हुई 47 ग्राम पंचायतों में 4 सरपंच और 86 सदस्य पदों के लिए राज्य चुनाव आयोग ने उपचुनाव कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत 28 अप्रैल को मतदान होगा, जिससे गांव स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिले की करीब 980 से अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
समय पर चुनाव नहीं होने के कारण फिलहाल वहां प्रशासक कार्यभार संभाल रहे हैं। नई प्रभाग रचना की प्रक्रिया जारी है और इसके पूरा होने में मई तक का समय लग सकता है। इसलिए इन बड़ी चुनावों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इसी बीच खाली पड़े पदों को भरने के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है। 47 ग्राम पंचायतों में सरपंच और सदस्यों के पद रिक्त होने से प्रशासनिक कार्यों में अड़चनें आ रही थीं।
इस पृष्ठभूमि में ग्राम पंचायत विभाग ने प्रारंभिक मतदाता सूची तैयार की थी। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के आधार पर अब अंतिम मतदाता सूची भी तैयार कर ली गई है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार 30 मार्च को तहसीलदार द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद 7 से 13 अप्रैल तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे।
15 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 17 अप्रैल तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसी दिन अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा। मतदान 28 अप्रैल को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। इसके बाद 29 अप्रैल को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे, ऐसी जानकारी जिला प्रशासन ने दी है।
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जिले की 980 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद अभी तक चुनाव की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रभाग रचना के प्रस्ताव मंगवाए हैं। यह प्रक्रिया मई तक पूरी होने की संभावना है, तब तक ग्रामीणों और इच्छुक उम्मीदवारों को चुनाव का इंतजार करना पड़ेगा।