चुनाव टले, पर सत्ता बरकरार! यवतमाल की 940 ग्राम पंचायतों में अब सरपंच ही संभालेंगे ‘प्रशासक’ की कमान
Yavatmal Gram Panchayat Election 2026: यवतमाल की 940 ग्राम पंचायतों में सरपंच ही बने प्रशासक। CEO मंदार पत्की ने जारी किए आदेश। चुनाव टलने के बाद 6 महीने के लिए मिली कमान। यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
- Written By: प्रिया जैस
यवतमाल ग्राम पंचायत चुनाव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sarpanch as Administrator Maharashtra: यवतमाल जिले में जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां प्रशासनिक कारणों से समय पर चुनाव नहीं हो सके। ऐसे में जिले की 980 ग्राम पंचायतों में से 940 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी प्रशासक के रूप में वर्तमान सरपंचों को सौंप दी गई है। इस संबंध में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की ने गुरुवार को आदेश जारी किए।
आदेश के अनुसार, इन ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक समिति भी गठित की गई है, जिसमें उपसरपंच और ग्राम पंचायत सदस्य सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। वर्तमान सरपंचों को छह माह की अवधि के लिए या चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रशासक के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिला परिषद और पंचायत समिति में पिछले चार वर्षों से प्रशासक राज चल रहा है।
आरक्षण से जुड़े मुद्दों के कारण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव नहीं हो सके हैं। अब ग्राम पंचायतें भी इसी स्थिति से गुजर रही हैं। महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम 1959 के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रशासक नियुक्त करने का अधिकार है।
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उसी के तहत 940 ग्राम पंचायतों में वर्तमान सरपंचों को प्रशासक नियुक्त किया गया है, जिससे उन्हें बिना चुनाव के फिर से कार्य करने का अवसर मिला है। जिन ग्राम पंचायतों में सरपंच का पद इस्तीफा, अपात्रता, मृत्यु या अन्य कारणों से रिक्त है, वहां प्रशासक का प्रभार विस्तार अधिकारियों को सौंपा गया है।
अनियमितता पर हटाए जा सकेंगे प्रशासक
प्रशासक के कार्यकाल के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है, तो उन्हें पद से हटाने का अधिकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पास रहेगा। सरपंच, उपसरपंच या ग्राम पंचायत सदस्य के खिलाफ शिकायत की जांच में आरोप साबित होने पर उन्हें प्रशासक पद से हटाया जा सकता है।
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तहसीलवार नियुक्तियां
| क्रमांक | तहसील | ग्राम पंचायत |
|---|---|---|
| 1 | यवतमाल | 66 |
| 2 | उमरखेड़ | 80 |
| 3 | कलंब | 59 |
| 4 | नेर | 49 |
| 5 | दिग्रस | 42 |
| 6 | पुसद | 93 |
| 7 | महागांव | 68 |
| 8 | आर्णी | 61 |
| 9 | घाटंजी | 48 |
| 10 | पांढरकवड़ा | 45 |
| 11 | झरी | 41 |
| 12 | वणी | 82 |
| 13 | मारेगांव | 31 |
| 14 | रालेगांव | 47 |
| 15 | बाभुलगांव | 53 |
