

Yavatmal Municipal Council: यवतमाल शहर में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप के बावजूद नगर परिषद की फॉगिंग व्यवस्था प्रभावी साबित नहीं हो रही है। नियमित फॉगिंग नहीं होने का आरोप लगाते हुए वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष एवं नगरसेवक तथा गटनेता डॉ. नीरज वाघमारे ने बुधवार को अनूठे अंदाज में नगर परिषद प्रशासन का विरोध किया।
कुछ दिन पहले डॉ. वाघमारे ने अपने खर्चे से फॉगिंग मशीन लाकर नगर परिषद कार्यालय परिसर में प्रतीकात्मक फॉगिंग करते हुए प्रशासन को जगाने का प्रयास किया था। इसके बावजूद शहर में नियमित और प्रभावी फॉगिंग शुरू नहीं होने पर उन्होंने बुधवार को आंदोलन का अलग ही तरीका अपनाया।
नगर परिषद की फॉगिंग मशीन को ‘सफेद हाथी’ बताते हुए डॉ. वाघमारे ने मशीन के दो पहिए निकाल लिए। इसके बाद छोटे बच्चों द्वारा साइकिल के टायर घुमाकर खेलने की तरह वे इन पहियों को घुमाते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके इस अनूठे आंदोलन ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
डॉ. वाघमारे ने तंज कसते हुए कहा, जिस मशीन का इस्तेमाल शहर में मच्छरों को खत्म करने के लिए होना चाहिए, अगर वह नागरिकों के किसी काम नहीं आ रही है तो कम से कम उसके टायर बच्चों के खेलने के काम आ जाएं। जनता के पैसों से खरीदी गई मशीन शोपीस बनाकर रखने के लिए नहीं है।
मुख्याधिकारी को प्रत्यक्ष रूप से निवेदन देकर जवाब मांगने के लिए डॉ. वाघमारे नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, उस समय मुख्याधिकारी उपलब्ध नहीं थे। इसके बाद उन्होंने संबंधित विभाग प्रमुख के समक्ष शहरवासियों की समस्याएं रखते हुए नियमित फॉगिंग का ठोस नियोजन करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि पहले निवेदन, फिर अपने खर्चे से फॉगिंग और अब फॉगिंग मशीन के टायर लेकर प्रशासन के दरवाजे पर आने की नौबत आ गई है। इससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठता है। डॉ. वाघमारे ने शहर के सभी वार्डों में नियमित फॉगिंग के लिए निश्चित समय-सारणी घोषित करने, जरूरत के अनुसार अतिरिक्त फॉगिंग मशीन उपलब्ध कराने तथा वार्डवार फॉगिंग रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि “आज टायर लेकर आए हैं। यदि कल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए इससे भी तीव्र आंदोलन करना पड़ा, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन की होगी।