यवतमाल में सूखा प्रभावित तहसीलों की सूची वायरल, प्रशासन ने बताया फर्जी; आधिकारिक घोषणा तक करें इंतजार

Yavatmal Fake Drought List: यवतमाल में सूखा प्रभावित तहसीलों की फर्जी सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिलाधिकारी विकास मीना ने किसानों से आधिकारिक माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करने की अपील की।
Yavatmal Farmers News District Collector
यवतमाल में सूखा प्रभावित तहसीलों की फर्जी सूची सोशल मीडिया पर वायरलसोर्स: सोशल मीडिया
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Yavatmal Farmers News District Collector : यवतमाल में सूखा प्रभावित तहसीलों की सूची के नाम से सोशल मीडिया पर एक फर्जी सूची वायरल हो रही है।

जिलाधिकारी विकास मीना ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने अभी तक सूखा प्रभावित यानी ट्रिगर तहसीलों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।

सोशल मीडिया पर सूखे की फर्जी सूची से बढ़ा भ्रम

यवतमाल, ब्यूरो. राज्य सरकार की ओर से अभी तक सूखा प्रभावित तहसीलों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर सूखा प्रभावित तहसीलों की सूची के नाम से एक सूची तेजी से प्रसारित हो रही है। जिला प्रशासन ने इसे फर्जी और भ्रामक बताया है। जिलाधिकारी विकास मीना ने किसानों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें।

आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं

जिले में सूखा प्रभावित तहसीलों को लेकर किसानों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित अप्रमाणित जानकारी के कारण किसानों की चिंता बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की ओर से सूखा प्रभावित यानी 'ट्रिगर' तहसीलों की कोई आधिकारिक सूची अभी जारी नहीं की गई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सूची, संदेश या सूचना पर तब तक विश्वास न करें, जब तक उसकी पुष्टि अधिकृत शासकीय माध्यमों से न हो जाए। सूखा प्रभावित तहसीलों के संबंध में शासन की ओर से आधिकारिक निर्णय या सूची जारी होने के बाद ही जिला प्रशासन की ओर से जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

किसानों से अफवाहों से बचने की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि सूखा, अनुदान अथवा शासन की अन्य योजनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी मिलने पर उसकी पुष्टि आधिकारिक सरकारी वेबसाइट, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकृत माध्यमों से करें। बिना सत्यापन किसी संदेश को सही मानकर आगे प्रसारित न करने की अपील भी की गई है।

कर्ज और फसल बर्बादी से परेशान दो किसानों की आत्महत्या

यवतमाल जिले में दूसरी ओर कर्ज और फसल प्रभावित होने से परेशान दो किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। पुसद के कवडीपुर निवासी किसान फकीरा सोमा राठोड (57) ने कथित तौर पर कर्ज के बोझ के चलते जहरीला पदार्थ पी लिया। घटना 20 सितंबर की रात करीब 8 बजे की बताई गई है।

जहर सेवन के बाद उन्हें पुसद के अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। निजी अस्पताल में उपचार का खर्च उठाने में असमर्थता के चलते उन्हें यवतमाल के शासकीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां 21 सितंबर की तड़के उनकी मौत हो गई। फकीरा राठोड के पास करीब तीन एकड़ खेती थी और उन पर लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये का कर्ज होने की जानकारी है।

Yavatmal Farmers News District Collector
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फसल बर्बादी से परेशान किसान ने भी दी जान

कलंब तहसील के ठौगरखडों गांव में भी फसल प्रभावित होने और कर्ज के कारण एक किसान आत्महत्या का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान ज्ञानेश्वर विश्वनाथ वाघमारे (65) के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, ज्ञानेश्वर वाघमारे के पास करीब साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि थी और उन पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कर्ज था। पिछले करीब एक महीने से बारिश की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसल प्रभावित हो रही थी। उन्होंने कपास और तुअर की फसल लगाई थी।

रविवार को उनके बेटे आशीष के काम पर जाने के बाद ज्ञानेश्वर वाघमारे ने कथित तौर पर जहरीली दवा का सेवन कर लिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रालेगांव ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

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