उच्च शिक्षा और छात्रवृत्ति के लिए जरूरी जाति वैधता प्रमाणपत्र, यवतमाल में बढ़ा आवेदन का दबाव

Caste Certificate Verification: यवतमाल जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के पास जून 2026 में 1,886 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 925 का निस्तारण हुआ जबकि 961 प्रस्ताव लंबित हैं।
yavatmal caste validity certificate pending applications 2026
यवतमाल जाति वैधता प्रमाणपत्र- फाइल फोटो-(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Caste Validity Certificate: प्रमाणपत्र सत्यापन समिति के पास जून 2026 में कुल 1,886 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 925 मामलों का निस्तारण कर दिया गया है, जबकि 961 प्रस्ताव अभी भी लंबित हैं। समिति के अनुसार लंबित मामलों का मुख्य कारण आवेदन और दस्तावेजों में त्रुटियां, अपूर्ण जानकारी तथा आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति में लगने वाला समय है। संबंधित अभ्यर्थियों से दस्तावेज पूर्ण रूप से प्राप्त होते ही मामलों का निस्तारण किया जा रहा है।

अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), विमुक्त एवं घुमंतू जाति (एनटी) सहित अन्य आरक्षित वर्गों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा में प्रवेश और छात्रवृत्ति का लाभलेने हेतु जाति वैधता प्रमाणपत्र अनिवार्य है। इसके बिना कई शैक्षणिक सुविधाओं और शुल्क में मिलने वाली रियायतों का लाभ नहीं मिल पाता। राज्य सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे अब विद्यार्थियों को कार्यालयों में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता।

यवतमाल में रोज 160 नए आवेदन

20 से 90 दिनों के भीतर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। हालांकि, दस्तावेजों में किसी प्रकार की कमी या त्रुटि पाए जाने पर आवेदक को मूल दस्तावेजों सहित दोबारा उपस्थित होना पड़ता है। जाति वैधता के लिए आवश्यक दस्तावेज जाति वैधता प्रमाणपत्र के लिए मूल जाति प्रमाणपत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र (टीसी), विद्यार्थी अथवा पिता की टीसी, जाति का प्रमाण, ओबीसी एवं एनटी वर्ग के लिए वर्ष 1961 से पूर्व का जाति संबंधी प्रमाण, वंशावली, निवास प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, आधार कार्ड तथा शपथपत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं।

नए शैक्षणिक सत्र के लिए आवेदन शुरू

शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय में प्रवेश लेने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, विमुक्त एवं घुमंतू जाति, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग तथा विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के जाति वैधता प्रमाणपत्र संबंधी प्रस्ताव स्वीकार करने की प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है।

प्रतिदिन आ रहे 160 नए आवेदन

जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति की उपायुक्त प्राजक्ता इंगले ने बताया कि जून में प्राप्त 1,886 प्रस्तावों में से 925 मामलों का निस्तारण किया गया है, जबकि 961 प्रस्ताव लंबित हैं। अधिकांश लंबित मामलों में दस्तावेजों की त्रुटियां प्रमुख कारण हैं।

आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होते ही इन प्रस्तावों का निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में समिति के पास प्रतिदिन लगभग 160 नए प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। वहीं, किसानों ने मांग की है कि जांच प्रक्रिया जल्द पूरी कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा और न्याय दिलाया जाए।

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