यवतमाल: कोरोना प्रोत्साहन राशि को लेकर आंदोलन का असर, 679 आशा कार्यकर्ताओं को भुगतान के CEO के निर्देश

Yavatmal News: यवतमाल जिले की 2,378 आशा कार्यकर्ताओं में से 679 को अब तक कोरोना काल का 1,000 रुपये प्रोत्साहन भत्ता नहीं मिला है। आयटक के आंदोलन के बाद प्रशासन ने बकाया भुगतान के सख्त निर्देश दिए हैं।
Out of 2,378 Asha workers in Yavatmal, 679 are yet to receive their 1,000 COVID-19 incentive। Following AITUC protests, ZP CEO has ordered immediate disbursement of the funds।
AITUC Protest Yavatmal (Image- Social Media
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Yavatmal Asha Workers: यवतमाल में कोरोना महामारी के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने वाली आशा स्वयंसेविकाओं को घोषित प्रोत्साहन राशि अब तक पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हुई है। जिले की कुल 2,378 आशा कार्यकर्ताओं में से 679 आशा कार्यकर्ता अभी भी इस मानधन से वंचित हैं। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने युद्धस्तर पर उपाययोजनाएं लागू की थीं।

इस दौरान गांव-गांव में जनजागरूकता, स्वच्छता अभियान, घर-घर सर्वेक्षण, टीकाकरण अभियान में सहयोग तथा संदिग्ध मरीजों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्य आशा कार्यकर्ताओं ने निभाए। ग्राम विकास विभाग के शासन निर्णय के अनुसार नियमित मानधन के अतिरिक्त प्रत्येक आशा को 1,000 रुपये प्रोत्साहन राशि देने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि कई तालुकों में यह राशि अब तक वितरित नहीं की गई है, जबकि कुछ तालुकों में सभी आशाओं को भुगतान होने की

जानकारी दी गई है।

वर्ष 2020-21 में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी प्रतिबंधात्मक उपायों पर विशेष ध्यान दिया था। उस समय ग्राम पंचायत कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविका, मिनी आंगनवाड़ी सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य मार्गदर्शन का कार्य किया गया। संक्रमण रोकने के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण, क्वारंटाइन संबंधी निर्देश और निगरानी की जिम्मेदारी भी निभाई गई।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि नियमित वेतन एवं मानधन के अतिरिक्त इन कर्मचारियों को जोखिम उठाकर कार्य करने के लिए 1,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाए। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ग्राम विकास) ने यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए थे। हाल ही में मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा पत्र जारी कर सभी पंचायत समितियों के समूह विकास अधिकारियों को यह मानधन तत्काल वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आयटक आंदोलन का हुआ असर

इस प्रोत्साहन भत्ते की मांग को लेकर आयटक संगठन ने कई बार आंदोलन और मोर्चे के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की ने निर्देश जारी किए कि मानधन से वंचित सभी आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि दी जाए।

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