यवतमाल के पशुधन विभाग में 78 पद खाली, बीमार पशुओं को बिना इलाज घर ले जाने को मजबूर किसान, MPSC से होगी भर्ती

Yavatmal Animal Healthcare Crisis : यवतमाल पशुसंवर्धन विभाग में 272 मंजूर पदों में 78 रिक्त हैं। पशुपालकों को समय पर पशु चिकित्सा सेवा मिलने में परेशानी हो रही हैं ।
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यवतमाल पशुसंवर्धन विभाग(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Yavatmal Veterinary Hospital Empty Premises : यवतमाल जिले के पशुसंवर्धन विभाग में कुल 272 मंजूर पदों में से 78 पद रिक्त हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से पशु चिकित्सा संस्थानों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।

बारिश के मौसम में पशुओं में बीमारियां बढ़ने से पशुपालकों को समय पर उपचार मिलने में परेशानी हो रही है।

78 पद रिक्त, व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

यवतमाल जिले का भौगोलिक क्षेत्र बड़ा है और यहां चराई के लिए पर्याप्त क्षेत्र उपलब्ध होने के कारण बड़े पैमाने पर पशुपालन किया जाता है। खेती के साथ दुग्ध व्यवसाय और अन्य आय के साधन के रूप में भी बड़ी संख्या में किसान पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में पशुधन के लिए समय पर चिकित्सा सेवा उपलब्ध होना महत्वपूर्ण है।

हालांकि, पशुसंवर्धन विभाग के विभिन्न संवर्गों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से उपलब्ध व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। विभाग में 272 पद मंजूर हैं, जिनमें से 194 पद भरे हुए हैं, जबकि 78 पद रिक्त हैं।

Yavatmal Animal Healthcare Crisis
यवतमाल पशुसंवर्धन विभाग (सोर्स: AI)

सबसे अधिक 38 पद पशुधन पर्यवेक्षकों के रिक्त हैं। इसके अलावा सहायक आयुक्त पशुसंवर्धन के 18 और सहायक पशुधन विकास अधिकारियों के 12 पद खाली हैं।

189 पशु चिकित्सा संस्थाओं का नेटवर्क

यवतमाल जिले में पशुधन को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कुल 189 पशु चिकित्सा संस्थाएं कार्यरत हैं। इनमें एक मुख्य पशु चिकित्सालय, तहसील स्तर के 15 पशु चिकित्सालय और 173 पशु चिकित्सा औषधालय शामिल हैं।

इन संस्थाओं के माध्यम से जिले के पशुओं को उपचार उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ रही है। कुछ स्थानों पर पर्याप्त मनुष्यबल नहीं होने से पशुपालकों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है।

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बारिश में बढ़ती बीमारी से चिंता

बरसात के मौसम में मौसम में बदलाव, चारे-पानी की स्थिति और संक्रामक रोगों के कारण पशुओं में विभिन्न बीमारियों का प्रकोप देखने को मिलता है। ऐसे समय में बीमार पशुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा की जरूरत होती है। मनुष्यबल की कमी वाले क्षेत्रों में समय पर सेवा नहीं मिलने से पशुपालकों की परेशानी बढ़ सकती है।

भर्ती प्रक्रिया शुरू

पशुसंवर्धन विभाग के उपसंचालक मंगेश काले ने बताया कि वर्तमान में सभी पदों पर अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं और किसी भी पद का अतिरिक्त प्रभार नहीं सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू है। सहायक आयुक्त पशुसंवर्धन के पद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से आगामी एक से दो माह में भरे जाने की संभावना है।

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