यवतमाल की सभी 16 तहसीलें सूखा प्रभावित, 12 प्रमुख रियायतों को मंजूरी; किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

Yavatmal Farmers Drought Relief: यवतमाल की सभी 16 तहसीलों को ट्रिगर-1 सूखा-सदृश श्रेणी में शामिल किया गया। किसानों को कर्ज, बिजली, लगान और मनरेगा समेत 12 राहतें मिलेंगी।
Yavatmal Declared Drought Hit All 16 Tehsils
यवतमाल की सभी 16 तहसीलें सूखा प्रभावितसोर्स: सोशल मीडिया
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Yavatmal Declared Drought Hit All 16 Tehsils: यवतमाल जिले की सभी 16 तहसीलों को राज्य सरकार ने ट्रिगर-1 यानी सूखा-सदृश श्रेणी में शामिल कर लिया है।

इसके साथ किसानों और ग्रामीणों के लिए भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण पुनर्गठन, कर्ज वसूली पर रोक, बिजली बिल में राहत, परीक्षा शुल्क माफी और मनरेगा में नियमों में ढील समेत 12 प्रमुख रियायतें लागू होंगी।

सभी 16 तहसीलें सूखा प्रभावित, किसानों को 12 बड़ी राहतें

यवतमाल, आपदा और संकट से जूझ रहे यवतमाल जिले के किसानों और ग्रामीण जनता को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। राज्य के मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री तथा यवतमाल के पालकमंत्री संजय राठौड़ के हस्तक्षेप और प्रशासनिक प्रयासों के बाद जिले की सभी 16 तहसीलों को ट्रिगर-1 यानी सूखा-सदृश श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।

राज्य सरकार के राहत एवं पुनर्वास विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद यह निर्णय लागू हो गया है। इसके साथ ही जिले में सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए निर्धारित राहत और रियायतें लागू होंगी।

प्रशासन से मांगी गई थी वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट

यवतमाल में सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए पालकमंत्री संजय राठौड़ ने दो दिन पहले उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली थी। उन्होंने जिला प्रशासन को किसी भी तहसील को छोड़े बिना जिले की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष रिपोर्ट तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए थे।

इसके बाद जिलाधिकारी विकास मीणा, जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी। इसके आधार पर यवतमाल, बाभुलगांव, कळंब, दारव्हा, दिग्रस, आर्णी, नेर, पुसद, उमरखेड, महागांव, वणी, मारेगांव, झरी जामणी, केलापुर, घाटंजी और रालेगांव सहित सभी 16 तहसीलों को सूखा-सदृश श्रेणी में शामिल किया गया।

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किसानों के लिए 12 प्रमुख राहतें

सरकार के निर्णय के बाद जिले में किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के लिए कई राहत उपाय लागू किए जाएंगे।

1. भूमि राजस्व में छूट

किसानों को जमीन के लगान और भूमि राजस्व में राहत दी जाएगी।

2. फसल ऋण का पुनर्गठन

किसानों के मौजूदा फसल ऋण का पुनर्गठन किया जाएगा।

3. कर्ज वसूली पर रोक

कृषि से संबंधित विभिन्न ऋणों की वसूली पर निर्धारित अवधि के लिए स्थगन रहेगा।

4. बिजली बिल में राहत

कृषि पंपों के चालू बिजली बिलों में छूट दी जाएगी।

5. बिजली कनेक्शन काटने पर रोक

किल्लत प्रभावित गांवों में किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटने के निर्देश दिए जाएंगे।

6. परीक्षा शुल्क माफ

ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली और कॉलेज विद्यार्थियों का परीक्षा शुल्क माफ किया जाएगा।

7. मनरेगा में नियमों में ढील

खेत मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार गारंटी योजना के नियमों में आवश्यक ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।

8. टैंकर से पानी की व्यवस्था

जरूरत के अनुसार प्रभावित गांवों में तत्काल पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे।

9. चारे की व्यवस्था

मवेशियों के लिए आवश्यक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

10. अनाज की उपलब्धता

किसानों और मजदूर परिवारों को अनाज की कमी न हो, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई है।

11. पेयजल और जल संरक्षण

ग्रामीणों तथा मवेशियों के लिए पेयजल व्यवस्था के साथ जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति दी जाएगी।

12. फसल नुकसान के लिए आर्थिक सहायता

फसलों के वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को दी जाने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता यानी मुआवजे की घोषणा अलग शासन निर्णय के माध्यम से जल्द की जाएगी।

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पालकमंत्री ने जताया आभार

निर्णय के बाद पालकमंत्री संजय राठौड़ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 12 प्रमुख रियायतों से संकटग्रस्त किसानों और मजदूरों को राहत मिलेगी।

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