

Yavatmal Cotton Farmers: प्रतिवर्ष 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस मनाया जाता है। कपास के महत्व को रेखांकित करने तथा कपास की खेती और उपयोग से जुड़े किसानों एवं श्रमिकों के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। विशेष रूप से कपास के जिले के रूप में यवतमाल की अपनी अलग पहचान है। विश्व कपास दिवस की इस वर्ष की मुख्य थीम 'हमारे जीवन का आधार' रखी गई है।
इसके माध्यम से दुनियाभर के लोगों के जीवन में कपास की महत्त्वपूर्ण भूमिका को सामने लाया गया है। कपास प्राकृतिक रेशम है, जिसका उपयोग कपड़े, वस्त्रोद्योग तथा विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। मुलायम, टिकाऊ और बहुउपयोगी होने के कारण कपास लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण फसल है। कपास के पौधे के बोंड से प्राप्त होने वाला रेशम मुख्य रूप से सेल्यूलोज से बना होता है।
इसमें थोड़ी मात्रा में मोम, वसा, पेक्टिन और पानी भी पाया जाता है। कपास से कपड़े, तौलिये, बिस्तर की चादरें, वस्त्र, टायर, फिल्टर, कागज सहित अनेक उत्पाद तैयार किए जाते हैं। भारत के अलावा चीन, अमेरिका और ब्राजील प्रमुख कपास उत्पादक देशों में शामिल हैं। कपास भारत की प्रमुख फसलों में से एक है और कृषि, अर्थव्यवस्था तथा वस्त्रोद्योग में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। देश के बड़े उद्योगों में शामिल वस्त्रोद्योग के लिए कपास एक आवश्यक कच्चा माल है।
भारत विश्व के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में शामिल है और वैश्विक कपास उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। देश के 20 से अधिक राज्यों में कपास की खेती की जाती है। गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। कपास लाखों किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए आय का प्रमुख स्रोत है। इसके अलावा कपास एक प्रमुख निर्यात उत्पाद भी है, जिससे देश को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
किसान सुनील गोंडाणे कहा कि इस वर्ष जिले में कपास की खेती की गई है और वर्तमान स्थिति में कपास की फसल अच्छी बताई जा रही है। पिछले वर्ष सोयाबीन की बुवाई की गई थी, लेकिन सोयाबीन की फसल इस वर्ष जिले में कपास की खेती की गई है और वर्तमान स्थिति में कपास की फसल अच्छी अपेक्षित रूप से नहीं हो सकी। इसके चलते इस वर्ष किसानों ने कपास की खेती को प्राथमिकता दी है। इस वर्ष कपास की फसल की स्थिति अच्छी है और किसानों को कपास से बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।