Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

विदर्भ का दर्द बरकरार: यवतमाल में नहीं थम रहीं किसान आत्महत्याएं, 5 माह में 105 किसानों ने दी जान

Yavatmal Farmer Suicides: यवतमाल में वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में 105 किसानों ने आत्महत्या की। 69 मामलों की जांच लंबित है, जिससे विदर्भ में कृषि संकट की गंभीरता फिर उजागर हुई है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Jun 07, 2026 | 11:01 AM

यवतमाल किसान आत्महत्या,(सोर्स: सौजन्य AI)

Follow Us
Follow Us:

Yavatmal Vidarbha Farmer Crisis: यवतमाल देश भर में किसानों की लूट और शोषण का अंतिम चरण आत्महत्या पर जाकर खत्म होता है। इस लूट इको सिस्टम से सर्वाधिक पीड़ित क्षेत्र विदर्भ है। यहां किसान आत्महत्या प्रभावित जिलों में शामिल यवतमाल में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में ही जिले में 105 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। इनमें से 69 मामलों की जांच अभी भी लंबित है, जबकि 17 मामलों को सहायता के लिए पात्र और 19 मामलों को अपात्र घोषित किया गया है।

किसान आत्महत्याओं ने राष्ट्रीय चिंता का रूप लिया

जिले में किसान आत्महत्या की पहली दर्ज घटना वर्ष 1986 में साहेबराव करपे के रूप में सामने आई थी। इसके बाद वर्ष 2001 से शासन स्तर पर किसान आत्महत्याओं का आधिकारिक रिकॉर्ड रखा जाने लगा। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2001 से 2006 के बीच 777 किसानों ने आत्महत्या की थी।

बढ़ती घटनाओं को देखते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में इस गंभीर समस्या पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार किया गया और राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया गया। साथ ही विदर्भ के लिए विशेष आर्थिक पैकेज और कर्जमाफी की घोषणा भी की गई।

सम्बंधित ख़बरें

वर्धा में 41,340 विद्यार्थियों को मिलेगा गणवेश, पहले चरण में 99.21 लाख रुपये जारी

Navi Mumbai Fire: नवी मुंबई के कुबेर अपार्टमेंट में लगी भीषण आग; चार लोग गंभीर रूप से घायल

1.62 लाख लोगों की होगी जांच, गोंदिया के 263 गांवों में कुष्ठरोग सर्वेक्षण अभियान तेज

फायर नियमों की धज्जियां: नागपुर के इतवारी-गांधीबाग में छतों पर अवैध गोदाम, आग लगी तो राख हो सकता है पूरा बाजार

कृषि संकट गहराया, किसान आत्महत्याएं थमने का नाम नहीं ले रहीं

बावजूद इसके आत्महत्याओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया। कृषि क्षेत्र में लगातार बढ़ते संकट, प्राकृतिक आपदाएं, सूखा, फसल नुकसान, साहूकारों और बैंकों का कर्ज, बीमारी तथा कृषि उत्पादों को उचित मूल्य नहीं मिलने जैसी समस्याओं ने किसानों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है।

यह भी पढ़ें:- झुलसते नागपुर में गर्मी से राहत के संकेत, विदर्भ में 15 जून तक मानसून की दस्तक; 8 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट

खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है, जिसके चलते किसानों में निराशा बढ़ रही है। वर्ष 2001 से 2026 तक के 25 वर्षों में जिले में कुल 6,625 किसानों ने आत्महत्या की है। इनमें से 2,763 मामलों को पात्र माना गया, जबकि 3,785 मामलों को विभिन्न कारणों से अपात्र घोषित किया गया। 77 मामले अब भी जांच प्रक्रिया में लंबित हैं।

वर्ष 2026 में किसान आत्महत्याओं की स्थिति

माह कुल मामले पात्र अपात्र
जनवरी 19 8 8
फरवरी 21 5 3
मार्च 22 1 5
अप्रैल 28 3 2
मई 15 1 1
कुल 105 17 19

Vidarbha farmer crisis yavatmal records 105 farmer suicides

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 07, 2026 | 11:01 AM

Topics:  

  • Maharashtra Farmer Suicide
  • Maharashtra News
  • Yavatmal News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.