

Yavatmal Crop Damage Compensation: यवतमाल जिला में अल नीनो के प्रभाव के कारण बारिश में लंबे अंतराल से किसान संकट में हैं। सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और नुकसानग्रस्त किसानों को भरपूर सहायता दी जाएगी।
सभी सरकारी विभाग किसानों की समस्याओं का संवेदनशीलता से समाधान करें तथा समयपूर्व फसल निरीक्षण का काम निर्धारित समय में पूरा करें, ऐसे निर्देश राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने दिए। अकोला स्थित डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय में कृषि मंत्री भरणे ने अमरावती संभाग के साथ यवतमाल जिले की फसल स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में श्रम मंत्री तथा अकोला जिले के पालकमंत्री एड. आकाश फुंडकर, मृद एवं जलसंधारण मंत्री संजय राठोड, आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे, मृद एवं जलसंधारण राज्यमंत्री इंद्रनील नाईक, विभागीय आयुक्त नयना गुंडे, कृषि आयुक्त परिमल सिंह सहित संभाग के सांसद, विधायक, पांचों जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना बोडर्डीकर सहित कई पदाधिकारी और अधिकारी ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। बैठक में पांचों जिलों के 56 तहसीलों में बारिश की स्थिति, बारिश में आए अंतराल, फसलों की स्थिति, पेयजल और चारे की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति का प्रस्तुतिकरण किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की समस्याओं और किसानों की स्थिति से कृषि मंत्री को अवगत कराया, किसानों को कर्ज के बोझ से राहत दिलाने के लिए राज्य सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमुक्ति योजना लागू की है।
इसके तहत दो लाख रुपये से अधिक के बकाया कर्ज वाले पात्र किसानों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी बैठक में दी गई। बैठक में कई जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि महावितरण की ओर से समय पर ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है।
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने कहा कि अल नीनों के प्रभाव के कारण पश्चिम विदर्भ में बारिश के वितरण में असमानता और लंबे अंतराल की स्थिति दिखाई दे रही है। इसका असर सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंग और उड़द जैसी फसलों पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और - उन्हें निश्चित रूप से भरपूर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित सूखाग्रस्त तहसीलों की फर्जी सूची को लेकर भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी तक ऐसी कोई सूची जारी नहीं की है। उन्होंने कहा कि किसी को भी किसानों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए, उन्होंने फर्जी सूची तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी।