ST महिला बनेगी वणी सभापति, नेतृत्व का मिला मौका, कई नेताओं के सपने हो गए चकनाचूर

Vani Panchayat Samiti: यवतमाल जिले में वणी पंचायत समिति की महिला सभापति को अब एसटी के नेतृत्व करने का मौका मिलने जा रहा है। हालांकि, इससे कई नेताओं के सपने चकनाचूर हो गए है।
Vani Panchayat Samiti: यवतमाल जिले में वणी पंचायत समिति की महिला सभापति को अब एसटी के नेतृत्व करने का मौका मिलने जा रहा है। हालांकि, इससे कई नेताओं के सपने चकनाचूर हो गए है।
यवतमाल न्यूज
Published on
Updated on

Yavatmal News: यवतमाल जिले के वणी तहसील में वणी पंचायत समिति के सभापति पद के लिए इस बार अनुसूचित जनजाति (एसटी) महिला के लिए आरक्षण घोषित किया गया है। जैसे ही आरक्षण की घोषणा हुई, वैसे ही तालुका के कई स्थानीय नेताओं और गांव के प्रभावशाली लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया है। जो लोग लंबे समय से सभापति पद का सपना देख रहे थे, उनके सपने एक झटके में चकनाचूर हो गए हैं।

इस बार घोषित आरक्षण के अनुसार वणी पंचायत समिति का सभापति पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित रहेगा।आगामी कुछ ही दिनों में गट-गण (वार्डवार) आरक्षण भी घोषित किया जाएगा। उसके बाद ही राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देंगे। आरक्षण घोषित होने के बाद राजनीतिक हलकों में नई हलचल मच गई है।

भाजपा का मजबूत वर्चस्व

पिछले एक दशक से वणी तालुका की पंचायत समिति पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मजबूत वर्चस्व रहा है। हर चुनाव में भाजपा ने रणनीतिक रूप से जीत दर्ज की है। लेकिन इस बार एसटी महिला आरक्षण ने भाजपा सहित सभी दलों क गणित बिगाड़ दिया है। पार्टी को अब उपयुक्त महिला उम्मीदवार की तलाश करनी होगी जो आरक्षण के मानदंडों पर खरी उतरे और राजनीतिक दृष्टि से मजबूत हो।

भाजपा के साथ-साथ शिवसेना (उद्धव ठाकरे गट), कांग्रेस और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को भी अपनी पुरानी समीकरणों में फेरबदल करना होगा। अब तक कई प्रभावशाली गांवपुढारी सभापति पद की दौड़ में शामिल थे। उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य के लिए मजबूत तैयारियां भी की थीं, लेकिन आरक्षण की नई स्थिति ने उनकी सारी योजनाओं पर विराम लगा दिया है।

अब सभी राजनीतिक दलों के लिए यह बड़ा चुनौतीपूर्ण मोड़ है।गट-गण आरक्षण घोषित होते ही उम्मीदवार चयन, नामांकन पत्रों की पूर्ति और राजनीतिक समीकरणों की बिसात बिछाई जाएगी। वणी तालुका की पंचायत समिति का यह चुनाव अब पहले से ज्यादा दिलचस्प और रणनीतिक होने जा रहा है।

अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को नेतृत्व का मौका

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि एसटी महिला आरक्षण से एक ओर जहां कई दिग्गज नेताओं के सपनों को झटका लगा है, वहीं दूसरी ओर यह निर्णय सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से दृढ़ता को बल देगा। इससे अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को नेतृत्व का मौका मिलेगा और स्थानीय राजनीति में नए चेहरे उभर सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com