यवतमाल रेत घाट मामला (सौजन्य-नवभारत)
Yavatmal Sand Mining: उमरखेड़ में पैनगंगा नदी किनारे स्थित दिघी रेती घाट पर 30 मार्च को हुई घटना को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस मामले में सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर के पुत्र कृष्णा पाटिल आष्टीकर ने 2 अप्रैल को स्थानीय विश्रामगृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाए। कृष्णा पाटिल ने कहा कि घटना के बारे में गलत जानकारी फैलाई जा रही है।
उनके अनुसार, नांदेड़ जिले की सीमा में आने वाले दिघी रेती घाट पर कुछ मजदूर नियमों के अनुसार रेत उत्खनन कर रहे थे। इसी दौरान ‘लोहकरे’ नामक व्यक्ति, जो खुद को एलसीबी का पुलिस अधिकारी बता रहा था, मौके पर पहुंचा और बिना अधिकार के मजदूरों पर करीब आधे घंटे तक बंदूक तानकर खड़ा रहा।
उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा। इस पर अधिकारी ने कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गोली मारने की धमकी दी। कृष्णा पाटिल ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी ने अपनी पत्नी के जज होने का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश की।
कृष्णा पाटिल आष्टीकर ने कहा कि कार्यकर्ताओं पर हो रहे अन्याय को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे मामले में कानूनी सलाह लेकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एड. बलिराम मुटकुले, डॉ. अजय नरवाडे और नितीन शिंदे सहित अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
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कृष्णा पाटिल के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले की जानकारी उमरखेड़ के उपविभागीय अधिकारी सखाराम मुले, उपविभागीय पुलिस अधिकारी हनुमंतराव गायकवाड़ और यवतमाल एलसीबी के पुलिस निरीक्षक सतीश चवरे से ली तो सभी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई भी पुलिस दल वहां नहीं भेजा था।
पत्रकार परिषद में उन्होंने यह भी बताया कि मौके पर किसी व्यक्ति द्वारा दूर से वीडियो बनाया जा रहा था, जिसने बाद में खुद ही अपना मोबाइल तोड़ लिया और उनकी गाड़ी के कांच भी फोड़ दिए। इस संबंध में हिमायतनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।