आदिवासी विकास पर राज्यपाल से चर्चा: जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक और 12,500 रिक्त पदों पर विशेष भर्ती की मांग
यवतमाल में जनजातीय विकास मंत्री किनवट ने राज्यपाल से मुलाकात कर आदिवासी मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में लंबित नीतिगत निर्णयों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विचार किया गया।
Maharashtra Tribal News: यवतमाल से पेज 3 विदर्भ समाचार में आदिवासी मुद्दों पर चर्चा की गई। राज्यपाल विष्णु देव वर्मा से जनजातीय विकास मंत्री किनवट ने मुलाकात की, जिसमें अनुसूचित जनजातियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर विचार किया गया।
इस बैठक में विधायक भीमराव केराम भी उपस्थित थे। ज्ञापन में बताया गया कि राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद नियम, 1960 के अनुसार जनजातीय विकास से जुड़े नीतिगत विषयों पर चर्चा के लिए परिषद की बैठक हर छह महीने में आयोजित करना अनिवार्य है।
हालांकि, वर्ष 2023 के बाद से परिषद की कोई बैठक नहीं हुई है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द परिषद की बैठक आयोजित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
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ज्ञापन में यह भी कहा गया कि अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित पदों को भरने में कई तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भर्ती प्रक्रिया में सुधार करने की आवश्यकता है ताकि आरक्षण का लाभ पात्र उम्मीदवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
इसके अलावा, 6 जुलाई 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार रिक्त हुए लगभग 12,500 मूल पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की मांग की गई है।
सरकार के निर्णय के अनुसार, उच्च न्यायालय ने बंजारा समुदाय को अनुसूचित जनजातियों में शामिल करने के विषय में अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन किया है। इस समिति की संरचना पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है।
