10 साल से अधिक सेवा वाले कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त पद, महाराष्ट्र के 15,000 से अधिक लोग इसका लाभ उठाएंगे
NHM Contractual Wrokers: महाराष्ट्र सरकार ने NHM के 15,010 संविदा कर्मियों के समायोजन हेतु 1,153 करोड़ रुपये मंजूर कर अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्णय लिया है।
- Written By: केतकी मोडक
सार्वजनिक आरोग्य विभाग फाईल फोटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Public Health Department GR: राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत राज्य भर में कार्यरत, 10 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके 15 हजार 10 संविदा कर्मचारियों के सेवा समायोजन का मार्ग आखिरकार साफ हो गया है। इन कर्मचारियों के लिए समकक्ष वेतनमान में अतिरिक्त पदों के सृजन और इसके लिए आवश्यक 1,153.60 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय को मंजूरी देने वाला शासन निर्णय आज जारी कर दिया गया है। इस निर्णय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के संविदा कर्मचारियों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, सार्वजनिक स्वास्थ्य व कुटुंब कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर तथा राज्यमंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने संविदा कर्मचारियों के समायोजन के लिए विशेष प्रयास किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह शासन निर्णय लिया गया है। इससे पहले 14 मार्च 2024 को मंत्रिमंडल ने 10 वर्ष से अधिक सेवा पूर्ण करने वाले संविदा कर्मचारियों के समायोजन का निर्णय लिया था। इसके बाद 4 नवंबर 2025 को इसमें आवश्यक संशोधन किया गया। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अंतरविभागीय समिति का गठन भी किया गया था।
15,010 कर्मचारियों को मिली विशेष व्यवस्था
समिति की सिफारिशों और 25 जून को हुई मंत्रिमंडल बैठक के निर्णय के अनुसार यह शासन निर्णय जारी किया गया है। इसके तहत, 25 जून तक तकनीकी अंतर (टेक्निकल ब्रेक) को छोड़कर लगातार 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूर्ण करने वाले 15,010 कर्मचारियों को एक बार की विशेष व्यवस्था (वन-टाइम मेजर) के रूप में समकक्ष वेतनमान वाले अतिरिक्त पदों पर नियुक्त किया जाएगा।
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इन पदों की समकक्षता तय करते समय संबंधित पद का कार्य स्वरूप, जिम्मेदारियां, शैक्षणिक योग्यता, सेवा प्रवेश नियम, वर्तमान मानदेय और सातवें वेतन आयोग के अनुसार तय वेतनमान को ध्यान में रखा जाएगा। वित्त विभाग की अंतिम मंजूरी के बाद संबंधित विभागों द्वारा अतिरिक्त पद सृजित कर पात्र कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। भविष्य में इस प्रकार के नियमितीकरण से बचने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान में मानव संसाधन सेवाएं मुख्य रूप से आउटसोर्सिंग या सेवा अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) के माध्यम से ही लेने का निर्णय भी शासन ने स्पष्ट किया है। भविष्य की पदनिर्मिति वित्त विभाग की उच्चस्तरीय सचिव समिति की मंजूरी से ही की जाएगी।
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अनुकंपा नियुक्ति छोड़कर बाकी सभी लाभ मिलेंगे
इन कर्मचारियों को समकक्ष पद के वेतनमान के अनुसार मूल वेतन, महंगाई भत्ता और यात्रा भत्ता दिया जाएगा तथा उनका वर्तमान वेतन संरक्षित रहेगा। हालांकि, इन्हें पदोन्नति (प्रमोशन), आश्वासित प्रगति योजना, पेंशन और पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के अंतर्गत वर्तमान में लागू अवकाश ही मान्य रहेंगे।
शासन निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये अतिरिक्त पद व्यक्ति-आधारित (सुपरन्यूमरेरी) होंगे, जो संबंधित कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, इस्तीफा देने या सेवा समाप्त होने पर स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे और उस पर कोई नई नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। इसके साथ ही, इनके आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी नहीं मिलेगा।
