

Yavatmal Tanha Pola Utsav: यवतमाल जिले में आयोजित ‘भव्य तान्हा पोला उत्सव-2026’ में बच्चों की कल्पनाशीलता और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक तान्हा पोला उत्सव में इस बार स्वच्छता, संविधान, महिला सुरक्षा, किसान, गौरक्षा और सामाजिक सरोकार जैसे विषयों को बच्चों ने अपने रचनात्मक प्रदर्शनों के जरिए जीवंत किया। उत्सव में 512 बाल प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष, यवतमाल नगर परिषद के गुटनेता एवं प्रभाग क्रमांक 10 के नगरसेवक डॉ. नीरज वाघमारे की पहल पर आयोजित कार्यक्रम को नागरिकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। बच्चों के विभिन्न प्रदर्शनों ने पारंपरिक पर्व को सामाजिक संदेश से जोड़ते हुए इसे खास बना दिया।
प्रतियोगिता में शिवन्या नाले ने स्वच्छता अभियान पर आधारित प्रभावी प्रदर्शन प्रस्तुत कर प्रथम स्थान हासिल किया। चर्विल ठमके ने छोटी बच्ची पर होने वाले अत्याचार के विरोध में संवेदनशील प्रस्तुति देकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बालकिशन नाले और गौरी नाले के ‘गाय का गोठा’ प्रदर्शन को तृतीय स्थान मिला।
इसके अलावा गायत्री हातागड़े और लकी हातागड़े द्वारा प्रस्तुत छत्रपति शिवाजी महाराज के किले तथा रणवीर महेंद्र नाडे के विठ्ठल प्रदर्शन को विशेष रूप से सराहा गया।
यवतमाल जिले में उत्सव में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अलग-अलग सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों को सामने रखा। अहिल्या रवी नाडे ने गौरक्षा, श्रेयस महाजन ने भारतीय संविधान, प्रियदर्शी कांबले ने वंचित बहुजन आघाड़ी, वैष्णवी नाले ने भारत माता और विक्रांत नाडे ने बलीराजा की थीम प्रस्तुत की।
इसी तरह गौरव हातानले ने किसान और गौरी विशाल नाडे ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आधारित प्रदर्शन पेश किया। इन प्रस्तुतियों ने बच्चों की कल्पनाशीलता के साथ उनकी सामाजिक समझ को भी प्रदर्शित किया। सभी उल्लेखनीय प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
यवतमाल जिले में कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि आयोजकों ने केवल विजेताओं तक सम्मान सीमित नहीं रखा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले हर बाल प्रतिभागी को आकर्षक उपहार और नकद राशि देकर प्रोत्साहित किया गया।
आयोजकों ने इस पहल के जरिए संदेश दिया कि प्रतियोगिता में जीत निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों को मंच देना, उनके भीतर की रचनात्मकता को पहचानना और उनमें भागीदारी का आत्मविश्वास पैदा करना उससे भी अधिक जरूरी है।
कार्यक्रम में डॉ. नीरज वाघमारे, नगरसेविका मीरा बौर, जिला उपाध्यक्ष सचिन राऊत, जिला संगठक संतोष मसराम, शहराध्यक्ष प्रसन्नजीत भवरे, शहर महासचिव प्रमोद पाटील, उपाध्यक्ष विलास वाघमारे सहित चंद्रकांत वालके, मधुकर भगत और रामदास वीर उपस्थित रहे।