

Nagpur Hindi Language Protest: प्रदेश में भाषा के नाम पर कथित तौर पर नफरत फैलाने और सामाजिक वैमनस्य पैदा करने के विरोध में उत्तर भारतीय सभा की ओर से रविवार को नागपुर के संविधान चौक पर मौन धरना आंदोलन किया गया। आंदोलन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर भाषा के नाम पर भेदभाव और नफरत की राजनीति के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के मार्गदर्शन में आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व विदर्भ अध्यक्ष डी.बी. सिंह और जिला अध्यक्ष रामप्रताप शुक्ला ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।
आंदोलन में शामिल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधी और कुछ समय तक मौन धारण किया। संगठन का कहना था कि भाषा के आधार पर समाज में विभाजन पैदा करने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाना चाहिए।
संगठन के जिला महासचिव विवेक पांडे ने कहा कि भाषा के नाम पर समाज का बंटवारा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाषा लोगों को जोड़ने और एक-दूसरे के करीब लाने का माध्यम है, न कि समाज को बांटने का।
उन्होंने कहा कि हिंदी समेत सभी भारतीय भाषाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी भाषा के आधार पर भेदभाव या नफरत फैलाने की कोशिश का विरोध होना चाहिए।
मौन धरने में राकेश सिंह, विजय मिश्रा, प्रवीण सिंह, एम.एम. शर्मा, राकेश त्रिपाठी, इंद्रसेन ठाकुर, विजय शुक्ला, संतोष भगत, आशीष दुबे, सुरेशचंद्र पांडे, सपना जिजोतिया और ममता तिवारी समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
आंदोलन के जरिए संगठन ने भाषाई सौहार्द, सामाजिक एकता और सभी भारतीय भाषाओं के सम्मान का संदेश देने का प्रयास किया।