

Health Awareness Camp In Yavatmal: महाराष्ट्र के यवतमाल जिले स्थित स्कूल ऑफ स्कॉलर्स (SOS) में कक्षा आठवीं, नौवीं और दसवीं की छात्राओं के लिए किशोरवयीन स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सुखकर्ता अस्पताल के प्रसूति विभाग की डॉ. स्नेहा भुयार ने प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. स्नेहा भुयार ने छात्राओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था शरीर और व्यक्तित्व के विकास का महत्वपूर्ण चरण है, इसलिए इस दौरान स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से जागरूक रहना आवश्यक है।
उन्होंने इस उम्र में उत्पन्न होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, शारीरिक बदलावों और उनसे जुड़ी सावधानियों के बारे में भी मार्गदर्शन किया। छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई।
स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन संवादात्मक पद्धति से किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। इस दौरान छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें किशोरावस्था में स्वास्थ्य देखभाल और संतुलित जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
इस आयोजन का आरंभ विद्यालय की परिचारिका विद्या गोले ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मुख्याध्यापिका रीना काले एवं उपमुख्याध्यापिका जागृती गंडेचा ने सभी का अभिनंदन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राथमिक एवं माध्यमिक समन्वयक आरती कुरटकर, सायली कशालकर, अंग्रेजी विभाग प्रमुख मयुरी मेहता सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सहयोग मिला।
विद्यालय की ओर से छात्राओं के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसे उपक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। ताकि छात्राओं को आवश्यक जानकारी मिल सके और वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जिम्मेदार एवं सजग बन सकें।