यवतमाल में 1.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगे, पर बिना मीटर लगाए उपभोक्ता को थमाया हजारों का बिल
Yavatmal Smart Meter: यवतमाल में महावितरण ने 1.60 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए हैं, लेकिन बिना मीटर लगे बिल आने और अचानक 22 हजार का बिल मिलने से नाराज उपभोक्ताओं के लिए आज विशेष शिविर आयोजित हैं।
- Written By: केतकी मोडक
स्मार्ट मीटर प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Mahavitran Smart Meter Complaints In Yavatmal: महावितरण की स्मार्ट मीटर योजना के तहत यवतमाल जिले में मीटर लगाने का काम तेजी से जारी है। जिले में अब तक 1 लाख 60 हजार 258 बिजली उपभोक्ताओं के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
महावितरण का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनेगी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की जानकारी मोबाइल के माध्यम से रियल टाइम में उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्राहक अपनी दैनिक, साप्ताहिक और मासिक बिजली खपत पर नज़र रख सकेंगे।
बिजली उपयोग को नियंत्रित करने में मदद मिलने के साथ ही बिल संबंधी शिकायतों में भी कमी आने की उम्मीद महावितरण ने जताई है। महावितरण अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर अधिक सटीक रीडिंग दर्ज करते हैं। इससे मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी और बिजली चोरी रोकने में भी सहायता मिलेगी। जिले में शेष उपभोक्ताओं के यहां भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
स्मार्ट मीटर लगाए बिना भेज दिया पांच महीने का हजारों रुपये का बिल
स्मार्ट मीटर योजना के बीच यवतमाल जिले के बाभुलगांव तहसील के नांदुरा खुर्द गांव में एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाए बिना ही हजारों रुपये का बिल भेजे जाने का मामला सामने आया है। इससे उपभोक्ता में नाराजगी है और महावितरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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नांदुरा खुर्द निवासी बिजली ग्राहक प्रशांत महल्ले ने बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में बाभुलगांव बिजली वितरण कार्यालय में स्मार्ट मीटर के लिए आवेदन किया था। इसके लगभग 15 दिन बाद वायरमैन उनकी अनुपस्थिति में स्मार्ट मीटर घर पर रख गया, लेकिन आज तक मीटर की वास्तविक स्थापना नहीं की गई। महल्ले के अनुसार, उनके घर में अब भी पुराने मीटर से ही बिजली आपूर्ति शुरू है।
स्मार्ट मीटर के बाद आया 22 हजार रुपये का बिल
यवतमाल शहर के वडगांव क्षेत्र के बिजली उपभोक्ता उल्हास निनावे ने स्मार्ट मीटर को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य नहीं होने के बावजूद बिना अनुमति उनके घर में मीटर बदल दिया गया।
निनावे के अनुसार, पहले उनका मासिक बिजली बिल 1200 से 1400 रुपये के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद एक ही महीने में 22 हजार रुपये से अधिक का बिल भेज दिया गया। शिकायत के बाद महावितरण की ओर से जांच के लिए कर्मचारी भेजे गए। हालांकि, निनावे का आरोप है कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकता पूरी की गई और ‘मीटर सही है’ की रिपोर्ट दे दी गई।
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स्मार्ट मीटर से जुड़ी शंकाओं का होगा निराकरण
बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए महावितरण की ओर से यवतमाल जिले में सोमवार, 13 जुलाई को समाधान शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों में उपस्थित रहने का आह्वान महावितरण के अधीक्षक अभियंता रूपेश टेंभुर्णे ने किया है।
महावितरण के यवतमाल विभाग के अंतर्गत विद्युत भवन (यवतमाल), बाभुलगांव, रालेगांव और कलंब स्थित कार्यालयों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं पांढरकवड़ा विभाग के अंतर्गत घाटंजी, मारेगांव, झरी जामणी, वणी और पांढरकवड़ा उपविभागों में, जबकि दारव्हा विभाग के अंतर्गत नेर, आर्णी, दिग्रस और दारव्हा उपविभागों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा पुसद विभाग के अंतर्गत महागांव, ढाणकी, उमरखेड़, पुसद शहर और पुसद ग्रामीण उपविभागों में भी उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनी जाएंगी।
