

Yenak Village Electricity Bill: आधुनिक तकनीक के नाम पर लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बनते नजर आ रहे हैं। वणी तहसील के येनक गांव में कई घरों में हाल ही में पुराने बंद पड़े मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। शुरुआत के एक-दो महीनों तक सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों को हर महीने बिजली बिल के रूप में दोगुना-तिगुना झटका लग रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन घरों में पहले सीमित बिजली उपयोग के बावजूद सामान्य बिल आता था, वहीं अब सर्दियों के मौसम में भी अत्यधिक बिल भेजे जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन दिनों किसान और खेत मजदूर सुबह से शाम तक खेतों में काम पर रहते हैं, जिससे घरों में बिजली की खपत बेहद कम रहती है। ठंड के मौसम में कूलर, पंखे जैसे उपकरण भी बंद रहते हैं।
इसके बावजूद बिलों का आंकड़ा आसमान छू रहा है। ग्राहकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर असामान्य गति से चल रहे हैं, मानो बिजली की खपत नहीं बल्कि समय के साथ दौड़ लगा रहे हों। इससे उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश फैल गया है। गांव के करीब सात से आठ घरों में यह समस्या सामने आई है।
परेशान उपभोक्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक इन मीटरों की जांच कर उन्हें बदला नहीं जाता, तब तक वे बढ़े हुए बिजली बिल का भुगतान नहीं करेंगे। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने शिरपुर स्थित बिजली वितरण कंपनी के उपअभियंता को लिखित ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन पर रणजीत बोंडे, प्रभूदास दरेकर, अरविंद येडे, राजू डाखरे और नथु पंडिले सहित अन्य उपभोक्ताओं के हस्ताक्षर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। सवाल यह उठता है कि क्या स्मार्ट मीटर वाकई पारदर्शिता और सुविधा के लिए लगाए गए हैं या फिर आम उपभोक्ताओं की जेब पर ‘स्मार्ट’ वार करने का जरिया बन गए हैं? फिलहाल येनक गांव में बिजली के इस ‘स्मार्ट झटके’ ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।