वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन का लक्ष्य 21 जिलों में जागरूकता एवं जांच अभियान चलाने के निर्देश

Sickle Cell Eradication: वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर 21 जिलों में जागरूकता एवं जांच अभियान चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने की कोशिश।
sickle cell disease elimination target 2047 awareness screening campaign yavatmal district
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI)
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Sickle Cell Disease Elimination By 2047: केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल रोग के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए 0 से 40 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों की सिकल सेल जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत महाराष्ट्र के 21 जिलों में विश्व सिकल सेल दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर व्यापक जनजागरण, जांच एवं परामर्श अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की सह-निदेशक डॉ. सुनीता गोल्हाईत की सूचना पर चलाया गया।

21 जिलों में मिशन का क्रियान्वयन

महाराष्ट्र में जुलाई 2023 से यवतमाल, ठाणे, नासिक, नंदुरबार, अमरावती, गोंदिया, गडचिरोली, पालघर, नागपुर, वर्धा, चंद्रपुर, भंडारा, धुले, जलगांव, बुलढाणा, नांदेड़, वाशिम, अकोला, छत्रपति संभाजीनगर, रायगढ़ और हिंगोली जिलों में इस मिशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

यवतमाल में जिला स्तरीय विशेष कार्यक्रम

इस वर्ष विश्व सिकलसेल दिवस के अवसर पर यवतमाल में जिला स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में जनजागरण पखवाड़ा मनाया जाएगा। जिला अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों, ग्रामीण अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य वर्धिनी केंद्रों तथा मेडिकल कॉलेजों में विशेष जांच शिविर लगाए जाएंगे।

स्वास्थ्य संस्थानों को दिए गए लक्ष्य

इन शिविरों में सिकल सेल जांच, परामर्श तथा आवश्यकता अनुसार उपचार एवं दवा उपलब्ध कराई जाएगी। जागरूकता अभियान के दौरान राज्य की 5,815 स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रतिदिन कम से कम 66,970 सिकल सेल जांच करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में पोस्टर एवं बैनर लगाकर नागरिकों को जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिविरों के दौरान की जाने वाली रक्त जांच, परामर्श, दवा वितरण आदि गतिविधियों के संबंधित फोटो एवं वीडियो पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। जिला स्तरीय शिविरों में कम से कम एक हजार नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चिकित्सा कर्मियों के लिए ऑनलाइन कार्यशालाएं

इसके अलावा सिकल सेल रोग के निदान एवं उपचार संबंधी जानकारी देने के लिए चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों हेतु विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में ऑनलाइन कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

स्वास्थ्य विभाग के इस विशेष अभियान में कुल 5,815 स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भाग ले रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य सिकल सेल रोग की शीघ्र पहचान, जनजागरण तथा मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

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2 सप्ताह तक चलेगा जांच अभियान

आदिवासी विकास विभाग के समन्वय से जिले की एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों एवं आश्रमशालाओं के विद्यार्थियों के रक्त नमूने एकत्र कर सोल्यूबिलिटी एवं सीबीसी जांच की जाएगी। संदिग्ध नमूनों की एचपीएलसी जांच कर उनकी रिपोर्ट सिकल सेल पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।

विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर राज्य के 21 जिलों में व्यापक जागरूकता एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान प्रतिदिन कम से कम 66,970 सिकल सेल जांच करने का लक्ष्य तय किया गया है। दो सप्ताह तक चलने वाले जनजागरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों को प्रतिदिन जांच के लक्ष्य दिए गए हैं।

राज्य के 4,501 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में प्रतिदिन 10-10 जांच कर कुल 45,010 जांचें की जाएंगी। वहीं 1,030 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिदिन 15-15 जांचों का लक्ष्य दिया गया है, जिससे 15,450 जांचें होंगी। इसके अलावा 208 ग्रामीण अस्पतालों में 20-20 जांचें, 58 उपजिला अस्पतालों में 25-25 जांचें तथा 18 महिला, जिला एवं मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों में 50-50 जांचें की जाएंगी।

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