Rain Damage Survey:सावलेश्वर गांव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Sawaleshwar Village: उमरखेड़ तहसील के सावलेश्वर गांव में 16 और 17 अगस्त 2025 को हुई भारी बारिश से कई ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ था। इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा सर्वे किया गया था, लेकिन इस सर्वे पर सवाल उठाते हुए उपसरपंच सहित पीड़ित नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। भारी बारिश के कारण गांव के पास स्थित नाले में बाढ़ आ गई थी, जिससे नाले का पानी नागरिकों के घरों में घुस गया था। इससे घरों में रखा अनाज और घरेलू सामग्री को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था।
शासन की ओर से सहायता प्रदान करने के लिए ग्रामसेवक, सरपंच और ग्रामपंचायत के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर जांच की और लाभार्थियों की सूची तैयार की थी। हालांकि, आरोप है कि यह जांच सही तरीके से नहीं की गई। सूची में कुछ वास्तविक नुकसानग्रस्तों को लाभ नहीं दिया गया, जबकि कुछ ऐसे लोग जिन्हें पानी से कोई नुकसान नहीं हुआ था, उन्हें लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया गया। आरोप है कि सरपंच और ग्रामसेवक ने मिलीभगत से कुछ नाम सूची में जोड़े, जिससे वास्तविक लाभार्थियों के साथ अन्याय हुआ।
इस मामले में पीड़ित नागरिकों ने पहले भी कई बार बीडीओ को निवेदन सौंपा, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण तीसरी बार निवेदन देना पड़ा है। इस निवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि इस प्रकरण की उचित जांच नहीं की गई, तो सावलेश्वर के नागरिकों को मजबूरन आंदोलन और उपोषण का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इस निवेदन पर उपसरपंच भागीरथा मारुति कालबांडे सहित 40 नुकसानग्रस्त नागरिकों के हस्ताक्षर हैं।
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उमरखेड़ तहसीलदार राजेश सुरडकर ने कहा कि “66 प्राप्त निवेदन के आधार पर समाह भमत भेज दिया गया है। जो लोग लाभ से वंचित रह गए हैं, उन्हें लाभ जरूर मिलेगा। पंचायत समिति से प्राप्त सूची के अनुसार ही वितरण किया गया है।” उमरखेड़ के सहायक बीडीओ तथा विस्तार अधिकारी (पंचायत) अमोल चव्हाण ने कहा कि “66 ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। सर्वे भी किया गया था, लेकिन राशि वितरण के बाद यह शिकायत सामने आई है। अब इसकी जांच करनी होगी। आगामी आठ दिनों में अभियंता को शामिल कर जांच समिति गठित की जाएगी।”