अब गोबर-गन्ने और कचरे से बनेगी रसोई गैस, जानें कहां बनेगा रिलायंस इंडस्ट्रीज का 300 करोड़ का ये मेगा प्रोजेक्ट

Reliance Biogas Project Yavatmal: यवतमाल के नेर में रिलायंस का धमाका! 300 करोड़ की लागत से बनेगा बायोगैस प्रोजेक्ट। गोबर और पराली से बनेगी रसोई गैस, 1700 लोगों को मिलेगा रोजगार।
Reliance Industries to invest ₹300 Cr in a Compressed Biogas (CBG) project in Ner, Yavatmal.
पालक मंत्री संजय राठोड ने पहल की (सौजन्य-नवभारत)
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Ner Tehsil CBG Plant: यवतमाल जिले के नेर तहसील के उत्तरवाढोणा में रिलायंस इंडस्ट्रीज के माध्यम से करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से कॉम्प्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट स्थापित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से जिले को गैस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी पहल मानी जा रही है, साथ ही किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पालकमंत्री संजय राठोड ने पहल की है।

शुक्रवार को उन्होंने जिला कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेकर परियोजना की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रशासनिक अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि और कंपनी के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में प्रशासन ने प्रोजेक्ट के लिए बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

1500 लोगों को मिलेगा अप्रत्यक्ष रोजगार

साथ ही निर्देश दिए गए कि ग्रामसभा आयोजित कर स्थानीय लोगों को परियोजना की पूरी जानकारी दी जाए और उनकी शंकाओं का समाधान किया जाए, ताकि प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से जिले में ही बायोगैस का उत्पादन होगा, जिससे बाहरी ईंधन पर निर्भरता कम होगी।

  • 300 करोड़ का होगा निवेश
  • 200 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
  • 1500 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार

खेती के अवशेष जैसे गोबर, गन्ने का कचरा आदि से गैस बनाई जाएगी, जिससे किसानों को उनके कचरे का उचित मूल्य मिलेगा। इस परियोजना से करीब 200 लोगों को सीधे और लगभग 1500 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

गैस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की पहल

कचरे के पुनः उपयोग से गैस उत्पादन होने के कारण प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। प्रोजेक्ट के लिए जरूरी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार और प्रशासन सहयोग करेगा।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईरान और इजराइल सहित खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन संकट और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है। ऐसे में यह बायोगैस प्रोजेक्ट यवतमाल जिले के लिए पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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