किसानों की हो पूर्ण कर्जमाफी, यवतमाल में शरद पवार गुट ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर रखी ये मांगें
Maharashtra Farmers Loan Waiver: शरद पवार गुट ने कर्जमाफी योजना की शर्तों को किसान विरोधी बताते हुए सभी पात्र किसानों को बिना किसी शर्त के दो लाख रुपये तक की सार्वभौमिक कर्जमाफी देने की मांग की है।
- Written By: अनन्या तिवारी
बाभुलगांव तहसीलदार मीरा पागोरे को ज्ञापन सौंपते NCP (शरद पवार गुट) के नेता (फोटो नवभारत)
Maharashra Farmers Loan Waiver Memorandum Given To Tehsildar : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने मांग की है कि राज्य सरकार द्वारा घोषित ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना’ में शामिल जटिल एवं किसान विरोधी शर्तों को समाप्त कर सभी पात्र किसानों को बिना किसी अड़चन के सार्वभौमिक कर्जमाफी दी जाए। इस संबंध में पार्टी पदाधिकारियों ने बाभुलगांव तहसीलदार मीरा पागोरे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि मौजूदा शर्तों के कारण यह योजना कर्जमाफी से अधिक कर्ज वसूली योजना जैसी प्रतीत होती है और लाखों किसान इसके लाभ से वंचित रह सकते हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि सरकार ने वर्ष 2019 से 2026 के बीच लिए गए अल्पकालीन फसल ऋण पर दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी की घोषणा की है। हालांकि, वर्ष 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले कर्जमुक्ति योजना का लाभ लेने वाले किसानों को केवल 50 हजार रुपये तक की राहत देने का प्रावधान रखा गया है, जिससे बड़ी संख्या में किसान पूर्ण लाभ से वंचित हो जाएंगे।
चार साल तक ऋण चुकाने की शर्त हटाने की मांग
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने योजना में शामिल अन्य शर्तों पर भी आपत्ति जताई है। ज्ञापन के अनुसार, जिन किसानों का बकाया ऋण दो लाख रुपये से अधिक है, उन्हें अतिरिक्त राशि पहले जमा करनी होगी, तभी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इसी प्रकार वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में से किसी भी दो वर्षों का ऋण समय पर चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान देने की योजना है, लेकिन इसके लिए वर्ष 2025-26 और 2026-27 का ऋण भी चुकाना अनिवार्य किया गया है।
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पार्टी ने मांग की कि वर्ष 2019 की कर्जमाफी योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए 50 हजार रुपये की सीमा समाप्त कर उन्हें भी दो लाख रुपये तक की राहत दी जाए। साथ ही ओटीएस योजना के तहत अतिरिक्त राशि पहले जमा करने की शर्त भी खत्म की जाए।
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आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान
ज्ञापन में कहा गया कि लगातार फसल नुकसान, प्राकृतिक आपदाओं और कृषि उपज के घटते दामों के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में बिना किसी शर्त के व्यापक कर्जमाफी ही किसानों को राहत दे सकती है। पार्टी ने तहसीलदार के माध्यम से राज्य सरकार तक किसानों की मांग पहुंचाने की अपील की। ज्ञापन पर तालुका अध्यक्ष पवन आर. हजारे, युवक जिला अध्यक्ष संकेत टोणे सहित 13 पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।
