Yavatmal News: मार्किंग MSRTC की साधारण बसों का किराया 10 बढ़ेगा। MSRTC की साधारण बसों का किराया 10 बढ़ेगा। 15 अप्रैल से 15 जून तक लागू, 2 महीने तक महंगा रहेगा बस सफर। प्रति 6 किमी किराया 10.05 से बढ़कर 11.05 रुपये बढ़ते खर्च के कारण लिया गया फैसला।
15 जून के बाद होगी किराया वृद्धि की समीक्षा। स्वच्छता शुल्क 2 रुपये प्रति यात्री। विशेष बुकिंग बस शुल्क 50 रुपये प्रति बस। पास नवीनीकरण शुल्क 5 रुपये प्रति पास। प्रभावित बसें साधी जलद रात्रिसेवा।
प्रभाव से बाहर बसें सेमीलक्जरी हिरकणी, नॉनएसी स्लीपर, शिवशाही, इलेक्ट्रिक बसें, शिवाई बसें। नागपुर. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम MSRTC ने अपनी साधारण बस सेवाओं के किराए में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
यह बढ़ोतरी 15 अप्रैल की मध्यरात्रि से लागू होकर 15 जून तक प्रभावी रहेगी। यह कदम बढ़ते परिचालन खर्च को ध्यान में रखते हुए अस्थायी रूप से उठाया गया है। नए निर्णय के अनुसार, प्रति 6 किलोमीटर का बेस किराया 10.05 रुपये से बढ़ाकर 11.05 रुपये कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों के टिकट दाम पर सीधा असर पड़ेगा।
किन बसों पर लागू होगा असर। यह किराया वृद्धि केवल साधारण बसों की तीन श्रेणियों साधी, जलद और रात्रिसेवा पर लागू होगी, जो ग्रामीण और इंटरसिटी कनेक्टिविटी की रीढ़ मानी जाती हैं। वहीं, सेमीलक्जरी हिरकणी, नॉनएसी स्लीपर, शिवशाही, इलेक्ट्रिक बसें और शिवाई बसें इस बढ़ोतरी से बाहर रहेंगी, जिससे उच्च श्रेणी के यात्रियों को कुछ राहत मिलेगी।
15 अप्रैल से लगेगा स्वच्छता शुल्क। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम 15 अप्रैल से सभी सेवाओं पर प्रति यात्री 2 रुपये का स्वच्छता शुल्क भी वसूलेगा। यह शुल्क रियायत प्राप्त यात्रियों जैसे महिला सम्मान योजना, वरिष्ठ नागरिक, अमृत ज्येष्ठ नागरिक पर भी लागू होगा।
इसके अलावा विशेष बुकिंग बसों पर 50 रुपये प्रति बस शुल्क लगेगा। पास धारकों को नवीनीकरण के समय 5 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसका उद्देश्य बसों और बस स्टेशनों की सफाई और सुविधाओं में सुधार करना है।
क्यों लिया गया फैसला। अधिकारियों के अनुसार, ईंधन, रखरखाव और दैनिक संचालन के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम का कहना है कि यह बढ़ोतरी अस्थायी है और 15 जून के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिवाली के दौरान भी किराया बढ़ाया गया था, जिसे जन विरोध के चलते वापस लेना पड़ा था। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम का यह कदम वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है, लेकिन इसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, यह बढ़ोतरी सीमित अवधि के लिए है, जिससे भविष्य में राहत की उम्मीद बनी हुई है।