सांसद संजय देशमुख का फूंका पुतला, गूंजे उद्धव के समर्थन में नारे, यवतमाल में शिवसैनिकों का एल्गार

Shiv Sena UBT protest Yavatmal: ऑपरेशन टाइगर के बीच यवतमाल में शिवसैनिकों का गुस्सा फूटा है। ठाकरे के कार्यकर्ताओं ने सांसद संजय देशमुख का पुतला फूंक कर , उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारे लगाए।
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यवतमाल में UBT के कार्यकर्ताओं का विरोध (सोर्स: सोशल मीडिया)
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MP Sanjay Deshmukh Statue Burnt: महाराष्ट्र की राजनीति में जारी ऑपरेशन टाइगर और शिवसेना ठाकरे गुट में मची बड़ी फूट की खबरों ने अब जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। पार्टी के 6 सांसदों के संभावित पाला बदलने की अटकलों के बीच, यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख के खिलाफ जिले में गुस्से की तीव्र लहर दौड़ गई है।

यवतमाल की सड़कों पर आक्रोश का विस्फोट

शिवसेना में फूट का नाटक और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का असर अब सीधे यवतमाल तक पहुंच गया है। गुरुवार को शिवसेना ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने सांसद संजय देशमुख की 'कथित बंडखोरी' (बगावत) के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर संजय देशमुख के पुतले का दहन किया और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

उद्धव के समर्थन में नारे और बागी को गालियां

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ठाकरे गुट के कार्यकर्ता काफी भावुक और उग्र नजर आए। एक तरफ जहां पूरा इलाका "उद्धव साहब आप आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं" के नारों से गूंज रहा था, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं का गुस्सा संजय देशमुख पर अपशब्दों और गालियों के रूप में फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने जिस नेता पर भरोसा कर उसे संसद तक पहुंचाया, उसी ने 'मातोश्री' के साथ विश्वासघात करना तय कर लिया है।

ऑपरेशन टाइगर और सुरक्षा का घेरा

जैसा कि हमारी पिछली चर्चाओं में सामने आया है, संजय राउत ने पहले ही इन बागी सांसदों को गद्दार और डरपोक करार दिया है। इन सांसदों की बढ़ती सुरक्षा (Y+ श्रेणी) को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। यवतमाल का यह आंदोलन इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है, जहां कार्यकर्ताओं का मानना है कि पुलिस सुरक्षा और सरकारी संरक्षण लेकर ये सांसद जनता के जनादेश का अपमान कर रहे हैं।

बगावत बनाम वफादारी की जंग

यवतमाल में हुआ यह उग्र आंदोलन इस बात का संकेत है कि भले ही बड़े नेता सत्ता के समीकरणों के लिए पाला बदल रहे हों, लेकिन शिवसेना का निष्ठावान कार्यकर्ता आज भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के प्रति वफादार है। सांसद संजय देशमुख के पुतले के दहन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में इन बागी सांसदों को अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भारी जन-विरोध का सामना करना पड़ सकता है। ऑपरेशन टाइगर के अंतिम पड़ाव पर पहुँचने के साथ ही महाराष्ट्र की सड़कों पर यह राजनीतिक संघर्ष और भी तेज होने की संभावना है।

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