यवतलाल के मारेगांव में PM आवास योजना ‘लावारिस’ — न मुख्याधिकारी, न अभियंता, सिस्टम फेल
PM Awas Yojana Stuck: मारेगांव में PM आवास योजना की किस्त न मिलने से लाभार्थी बारिश में प्लास्टिक टेंट में रहने को मजबूर। नगर पंचायत में न मुख्याधिकारी, न अभियंता, योजना लावारिस साबित।
- Written By: केतकी मोडक
मारेगांव लाभार्थी पुष्पा गोपाल उईके (सोर्स - फोटो नवभारत)
Yavatmal PM Awas Yojana Installment Stuck: यवतलाल जिले के मारेगांव शहर में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत घर बनाने वाले कई लाभार्थियों को योजना की अगली किस्त समय पर न मिलने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किस्त अटकने की वजह से अनेक परिवार अपने अधूरे मकानों के बीच ही बारिश के इस मौसम में प्लास्टिक का टेंट लगाकर रहने को मजबूर हो गए हैं।
लाभार्थियों ने योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में अपने पुराने कच्चे आशियाने तोड़ दिए थे और पक्के घर का सपना संजोया था। लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही के चलते उनका यह सपना अधूरा रह गया। अब स्थिति यह है कि कई परिवारों के सिर पर पक्की छत तक नहीं है और उन्हें झुग्गीनुमा अस्थायी ठिकानों में दिन गुजारने पड़ रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मारेगांव नगर पंचायत में न तो कोई स्थायी मुख्याधिकारी (सीओ) मौजूद हैं और न ही निर्माण (बांधकाम) अभियंता। पूरा प्रशासन प्रभारियों के भरोसे चल रहा है, जिसके कारण आवास योजना से जुड़े कार्यों में अत्यधिक देरी हो रही है।
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अधिकारियों की कमी और प्रशासन की उदासीनता
अधिकारियों की कमी और प्रशासनिक उदासीनता का सीधा खमियाजा गरीब लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के इस चुनौतीपूर्ण मौसम में छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित लाभार्थियों ने जिला प्रशासन से जल्द से जल्द लंबित किस्त जारी करने और आवास निर्माण कार्य को गति देने की पुरजोर मांग की है।
बुढ़ापे में तिरपाल के नीचे गुजारा करना पड़ रहा है
लाभार्थी लीलाबाई किनाके ने कहा है कि “हम पहले जिस कच्चे मकान में रह रहे थे, वही अच्छा था। अब इस बुढ़ापे में तिरपाल के नीचे दिन गुजारने पड़ रहे हैं। नगर पंचायत प्रशासन ने हमारे साथ दगा किया है। नपं के बार-बार चक्कर काटने पर भी हमें कोई राहत नहीं मिली।”
नीचे से ऊपर तक सारा सिस्टम फेल है: पार्षद
मारेगांव पार्षद छाया किनाके ने कहा है कि “नगर पंचायत में मुख्याधिकारी और बांधकाम अभियंता, दोनों के ही पद प्रभारी के भरोसे हैं। यहां तक कि अनुबंध (ठेके) पर काम कर रहे अभियंता ने भी काम छोड़ दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना मारेगांव में पूरी तरह ‘लावारिस’ साबित हो रही है। अधिकारियों को लिखित निवेदन और ज्ञापन सौंपकर भी कुछ नहीं हुआ; नीचे से लेकर ऊपर तक सारा सिस्टम फेल हो चुका है।”
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प्रशासन ने हमें फंसाया, योजना फेल साबित हुई
मारेगांव लाभार्थी पुष्पा गोपाल उईके ने कहा है कि “आज हमें प्लास्टिक और ग्रीन नेट बांधकर खुले में रहना पड़ रहा है। नगर पंचायत प्रशासन ने हमें बुरी तरह फंसाया है। हमारे लिए तो यह प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी तरह फेल साबित हुई है।”
