तबादले से पहले CP सिंगल का बड़ा दावा, नागपुर में ‘ऑपरेशन थंडर’ से 23 करोड़ के ड्रग्स जब्त, 91 लोगों की बची जान
Nagpur Conviction Rate: नागपुर के निवर्तमान सीपी रवींद्रकुमार सिंगल ने बताया कि ढाई साल में 'ऑपरेशन थंडर' के तहत ₹23 करोड़ के ड्रग्स जब्त किए गए और 'ऑपरेशन यू-टर्न' से 91 लोगों की जान बची।
- Written By: रूपम सिंह
सीपी रवींद्रकुमार सिंगल (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Nagpur CP Ravindrakumar Singal: नागपुर शहर में नार्कोटिक्स पदार्थों के बढ़ते नेटवर्क पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन थंडर’ वाकई में एक सफल अभियान साबित हुआ। इसके बावजूद सीपी रवींद्रकुमार सिंगल संतुष्ट नहीं हैं। तबादले के बाद सीपी सिंगल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनका लक्ष्य ऑपरेशन थंडर को जन अभियान बनाने का रहा। पुलिस ने ड्रग नेटवर्क पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। इसमें नागपुरवासियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
नागरिक अब इस अभियान से खुद जुड़ रहे हैं। भविष्य में इसके परिणाम भी देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि नागपुर शहर से उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहेगा और नागरिकों का यह स्नेह कभी भुला नहीं पाऊंगा। उन्होंने कहा कि नागपुर को अक्सर ‘क्राइम कैपिटल’ कहा जाता है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस ने लगातार प्रभावी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। राज्य ही नहीं, देश में सबसे अधिक मोका, एमपीडीए और अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई नागपुर में की गई। इसका परिणाम यह रहा कि हत्या, हत्या का प्रयास और गंभीर हमलों जैसे अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में हत्या के 11 मामले कम दर्ज हुए हैं।
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यू-टर्न से 91 लोगों की जान बची
सड़क हादसों में आम नागरिकों की मौत होना बेहद गंभीर है, इसीलिए सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए शहर के 90 स्थानों पर विशेष नाकाबंदी कर ‘ऑपरेशन यू-टर्न’ चलाया गया। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में उपाय योजना की गई।
रंबलर, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और पुलिस द्वारा लगातार की जा रही डूंकन ड्राइव की कार्रवाई से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2025 में जहां 52 जानलेवा दुर्घटनाएं कम हुई थीं, वहीं इस वर्ष अब तक 39 दुर्घटनाएं कम हुई हैं। इसके पूर्व के वर्षों में लगातार जानलेवा दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही थी लेकिन प्रभावी कार्रवाई से 91 लोगों की जान बची है।
सजा की दर 11 प्रतिशत तक पहुंची
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जन्मस्थली, दीक्षाभूमि और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के शहर नागपुर में पुलिस आयुक्त का दायित्व संभालना बड़ी चुनौती थी। उनके कार्यकाल के दौरान शहर ने सांप्रदायिक तनाव का दौर भी देखा लेकिन प्रभावी पुलिसिंग के कारण स्थिति को नियंत्रित रखा गया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में पुलिस जांच प्रणाली को मजबूत बनाते हुए अपराधों में दोषसिद्धि की दर 11 प्रतिशत तक पहुंचाने में सफलता मिली है। विभिन्न जनसहभागिता अभियानों के माध्यम से नागपुरवासियों को पुलिस से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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ढाई वर्ष में 23 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त
सिंगल ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नागपुर नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए संवेदनशील शहर है। चरस, गांजा, एमडी, अफीम और डोडा जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान चलाए।
‘ऑपरेशन थंडर’ के तहत पिछले ढाई वर्षों में 23 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इस दौरान 1,117 मामले दर्ज कर 1,560 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके द्वारा चलाए गए मिशन मुक्ति और ऑपरेशन थंडर को अब पूरे महाराष्ट्र में लागू करने की योजना है।
