इंदुताई किन्हेकार (सौजन्य-नवभारत)
Maregaon Nagar Panchayat History: किसान परिवार की बहू बन कर राजकीय क्षेत्र में आने के बाद पार्षद एवं आरक्षण की लाटरी लगने से कठिन हालातों में शहर की प्रथम नगराध्यक्ष बन ने वाली इंदुताई किन्हेकार मारेगांव के इतिहास में अपना नाम दर्ज कर वाया है।
कोरपना तहसील के ग्राम कोल्सी में सन 1969 में जन्म लेने वाली महिला ने गांव के ही जिला परिषद स्कूल में 7वीं कक्षा तक शिक्षा हासिल की जिसके बाद 12 वी कक्षा तक की शिक्षा चंद्रपुर जिला लेवल पर रिश्तेदारों के घर रहकर हासिल किया।
सन 1989 में इंदुताई का विवाह मारेगांव के प्रगतिशील किसान किन्हेकार परिवार में हुआ विवाह के बाद भी इंदुताई ने मारेगांव में ग्रेजुएट किया जिसके बाद वह खेतिहर मजदूरों को लेके खेत के कामों में परिवार वालो का हाथ बटाती रही किन्हेकार परिवार भी पहले से ही गांव के पाटिल के रूप में ग्राम पंचायत पर राज किया करते थे।
ऐसे में 2015 में ग्रामपंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिया गया। चुनाव की रणनीति शुरू हुई जिसमें नगराध्यक्ष का ओबीसी महिला आरक्षण निकल पड़ा था। उसी समय प्रभाग एक से जनरल बिना आरक्षण कोटे से इंदुताई को पार्षद के लिए खड़ा रखा गया था इंदुताई भारी मतों से जीत कर पार्षद चुनी गई पार्षदों में से नगराध्यक्ष चुन ने की होड़ मची हुई थी जिसमें इंदुताई को नगराध्यक्ष चुन लिया गया ढाई वर्ष तक इंदुताई किन्हेकार ने शहर की नगर पंचायत पर राज किया।
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जिस समय इंदुताई पहली महिला नगराध्यक्ष कहलाने लगी और आज भी इतिहास में इंदुताई का पहली नगराध्यक्ष के नाम से जाना जाने लगा है नगर अध्यक्ष के कार्यकाल में इंदुताई ने 6 करोड़ रुपए का फंड लाकर शहर का नक्शा बदल दिया था विकास की गंगा बहाने वाली प्रथम नगराध्यक्ष इंदु ताई को मांना जाता है।