

Yavatmal Women Farmers: राज्य की महिला किसानों को अब अधिकृत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला किसानों को सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, फसल बीमा, कृषि निविष्ठा, कृषि विस्तार सेवाओं तथा विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ अधिक आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाराष्ट्र महिला किसान सक्षमीकरण अधिनियम, 2026 लागू किया गया है। यह अधिनियम 22 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
इस अधिनियम के तहत महिला किसानों को मान्यता देने, उन्हें महिला किसान प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने तथा महिला किसानों का अधिकृत डेटाबेस तैयार करने का प्रावधान किया गया है। इसी के तहत अब महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया गया है। कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर पात्र महिला किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
महिला किसान के रूप में मान्यता देते समय केवल जमीन के मालिकाना हक को आधार नहीं बनाया जाएगा। महिला का खेती तथा खेती से जुड़े कार्यों में प्रत्यक्ष सहभागिता भी महत्वपूर्ण माना जाएगा। अधिनियम में किसान की व्यापक परिभाषा तय की गई है।
इसमें फसल उत्पादन के साथ बीज उत्पादन, पशुपालन, मुर्गीपालन, दुग्ध व्यवसाय, मधुमक्खी पालन, मत्स्य व्यवसाय, रेशम उत्पादन, फलोत्पादन, पुष्पोत्पादन, मशरूम उत्पादन, कृषि वनीकरण और कंपोस्ट निर्माण जैसे विभिन्न कृषि एवं कृषि पूरक कार्यों को शामिल किया गया है। इसके अलावा ठेके पर या बटाई पर खेती करने वाली महिलाएं, भूमिहीन किसान, भूमिहीन पशुपालक, खेत मजदूर, पौधशाला मजदूर तथा पशुचारक भी इस दायरे में शामिल किए गए हैं।
राज्य के ग्राम पंचायत अथवा नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाली 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं जो कृषि व्यवसाय या कृषि से संबंधित कार्यों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए पात्र होंगी। ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित आवेदन को आगामी नियमित ग्रामसभा अथवा इस उद्देश्य के लिए आयोजित विशेष ग्रामसभा के समक्ष रखा जाएगा।
ग्रामसभा में यह जांच की जाएगी कि आवेदन करने वाली महिला अधिनियम में बताए गए कृषि अथवा कृषि संबंधी कम से कम किसी एक कार्य में सहभागी है या नहीं। इसके आधार पर आवेदन स्वीकार या अस्वीकार करने का निर्णय लिया जाएगा। आवेदन अस्वीकार किए जाने की स्थिति में उसके कारण ग्रामसभा के प्रस्ताव में लिखित रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा। ग्रामसभा द्वारा महिला को किसान के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद संबंधित नामित अधिकारी द्वारा 15 दिनों के भीतर महिला किसान प्रमाणपत्र जारी करने का प्रावधान है।
नगर पंचायत क्षेत्र से प्राप्त आवेदनों को आगामी सामान्य सभा के समक्ष रखा जाएगा। सामान्य सभा द्वारा निर्णय लिए जाने के बाद पात्र महिला को मान्यता प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात नामित अधिकारी द्वारा 15 दिनों के भीतर महिला किसान प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
कृषि विभाग के सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 अक्टूबर 2026 तक अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस अवधि में पात्र महिला किसानों की पहचान कर उन्हें महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण एवं जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
यवतमाल जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी मनोजकुमार ढगे ने कहा की पात्र महिला किसान कृषि विभाग की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। कृषि विभाग ने पात्र महिलाओं से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।